निजी बसों के रूट पर भड़की एचआरटीसी ड्राइवर यूनियन, सरकार से हस्तक्षेप की मांग
- Admin Admin
- Jan 17, 2026
शिमला, 17 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में कई रूटों पर एचआरटीसी बसों से पहले निजी बसों को टाइम टेबल अलॉट किए जाने को लेकर एचआरटीसी ड्राइवर यूनियन ने कड़ा विरोध जताया है। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष मानसिंह ठाकुर ने शनिवार को शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि प्रदेश भर में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) के फैसलों से एचआरटीसी को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
मानसिंह ठाकुर ने कहा कि नाहन–कालाअंब–त्रिलोकपुर रूट पर पिछले करीब 40 वर्षों से एचआरटीसी की बस दोपहर 11 बजकर 57 मिनट पर संचालित हो रही है और यह निगम का एक सफल रूट रहा है। लेकिन अब आरटीओ नाहन ने इसी रूट पर एचआरटीसी बस से पहले निजी बस ‘रणवीर कोच’ को समय अलॉट कर दिया है। उनका कहना है कि इससे निगम को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा और यात्रियों का रुझान निजी बस की ओर हो जाएगा।
यूनियन अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यह स्थिति केवल एक रूट तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में इसी तरह के फैसलों के कारण एचआरटीसी को नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले ही निगम के कई रूट बंद हो चुके हैं। कर्मचारियों को हर महीने समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन भी कई महीनों से लंबित है। ऐसे में यदि सफल रूटों पर भी निजी बसों को प्राथमिकता दी जाती रही, तो निगम की हालत और खराब हो जाएगी।
मानसिंह ठाकुर ने कहा कि किसी भी निजी बस को रूट या समय अलॉट करने से पहले आरटीओ को एचआरटीसी के अधिकारियों से विचार-विमर्श करना चाहिए। निगम की तय समयसारणी से केवल पांच मिनट पहले निजी बस को टाइम देना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक सुनियोजित कदम प्रतीत होता है, जिससे जानबूझकर एचआरटीसी को घाटे में डाला जा रहा है।
ड्राइवर यूनियन ने इस मामले में प्रदेश सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यूनियन का कहना है कि यदि सरकार इस तरह से समयसारणी में बदलाव कर निजी बसों को फायदा पहुंचाने से नहीं रोक सकती, तो फिर निगम कर्मचारियों की सैलरी, वर्षों से लंबित भत्तों और पेंशन की जिम्मेदारी भी संबंधित विभागों को लेनी चाहिए। यूनियन ने साफ किया कि निजी बसों को प्राथमिकता देकर एचआरटीसी को कमजोर करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा



