एचआरटीसी की नई इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल, उपमुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण

शिमला, 14 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बेड़े में शामिल होने जा रही 297 नई इलेक्ट्रिक बसों से पहले ट्रायल के लिए लाई गई एक इलेक्ट्रिक बस का बुधवार को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने निरीक्षण किया। यह बस एक प्रोटोटाइप के रूप में हिमाचल लाई गई है और पिछले कई दिनों से विभिन्न मार्गों पर इसका परीक्षण किया जा रहा है।

इलेक्ट्रिक बस का ट्रायल 8 जनवरी से चल रहा है। ट्रायल के दौरान पहले दिन बस को सोलन से अर्की वाया मांजू, दूसरे दिन सोलन से सराहा वाया नारग, तीसरे दिन शिमला से गिरीपुल वाया कुफरी-चायल, चौथे दिन शिमला से जयनगर वाया शालाघाट और पांचवें दिन शिमला से घड़काहन वाया मशोबरा मार्ग पर चलाया गया। इन मार्गों के चयन से पहाड़ी क्षेत्रों में बस की क्षमता और प्रदर्शन का आकलन किया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने बस के भीतर कुछ सुधार और बदलाव को लेकर कंपनी के प्रतिनिधियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा और हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बसों का निर्माण होना चाहिए। ट्रायल पूरा होने के बाद एचआरटीसी प्रबंधन कंपनी को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगा, जिसमें बस के अंदर किए जाने वाले आवश्यक सुधारों का उल्लेख होगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर नई 297 इलेक्ट्रिक बसों का निर्माण किया जाएगा।

प्रोटोटाइप बस की खासियत यह है कि यह 80 प्रतिशत बैटरी चार्ज पर करीब 180 किलोमीटर की दूरी तय करने में सक्षम है। यह बस हैदराबाद की कंपनी आलेक्ट्रा की ओर से ट्रायल के लिए भेजी गई है। बताया गया कि इसी कंपनी की इलेक्ट्रिक बसें पिछले करीब दस वर्षों से रोहतांग क्षेत्र में चल रही हैं।

इस मौके पर एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. निपुण जिंदल भी मौजूद रहे। वहीं, एचआरटीसी के डीएम देवासेन नेगी ने बताया कि वह स्वयं बस का ट्रायल ले रहे हैं और बस का प्रदर्शन अब तक अच्छा रहा है। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री ने खुद ट्रायल का निरीक्षण किया और कंपनी को जरूरी सुझाव दिए। निगम का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यात्रियों को भी बेहतर और आधुनिक परिवहन सुविधा मिल सकेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा