आईआईटी दिल्ली में विद्युत क्षेत्र में विनियामक मामलों के लिए विशिष्टता केंद्र शुरू

नई दिल्‍ली, 19 जनवरी (हि.स)। केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में विद्युत क्षेत्र में विनियामक मामलों के लिए विशिष्टता केंद्र यानी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) का शुभारंभ किया।

मनोहर लाल ने कहा कि आईआईटी दिल्ली में यह विशिष्टता केंद्र सूचित और दूरदर्शी विनियमन का समर्थन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह केंद्र आईआईटी दिल्ली, केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग यानी सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (सीईआरसी) और ग्रिड कंट्रोलर ऑफ इंडिया लिमिटेड (ग्रिड इंडिया) ने मिलकर स्थापित किया है। यह तेजी से बदलते विद्युत क्षेत्र में भारत की विनियामक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।

मंत्रालय के मुताबिक विशिष्टता केंद्र को विनियामक अनुसंधान यानी रेगुलेटरी रिसर्च, क्षमता निर्माण यानी कैपेसिटी बिल्डिंग, एडवाइजरी सपोर्ट और जागरूकता फैलाने के लिए एक राष्ट्रीय स्तर के केंद्र के तौर पर देखा जा रहा है। यह केंद्र सीईआरसी और ग्रिड इंडिया के साथ मिलकर प्रमुख रेगुलेटरी और सेक्टोरल चुनौतियों की पहचान करेगा। संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करने के लिए क्षमता निर्माण और मानव संसाधन विकास का समर्थन करेगा तथा प्रभावी ज्ञान प्रबंधन एवं प्रसार को बढ़ावा देगा। यह वैश्विक तौर पर शैक्षिक और नीति नेटवर्क तक पहुंच के साथ अत्याधुनिक अनुसंधान करेगा। साथ ही विनियामक और बिजली क्षेत्र के अन्य हितधारकों को सुझाव एवं परामर्श संबंधी सहायता भी प्रदान करेगा।

ग्रिड कंट्रोलर ऑफ इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर एस सी सक्सेना ने कहा कि रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को ग्रिड ऑपरेशन की असलियत के साथ व्यवस्थित किया जाना चाहिए। इस केंद्र के जरिए संचालनात्मक अनुभव और प्रणाली की जानकारी सीधे विनियामक अनुसंधान और मार्केट डिजाइन को बताई जाएगी।

विद्युत सचिव पंकज अग्रवाल ने आईआईटी-डी, सीईआरसी और ग्रिड कंट्रोलर ऑफ़ इंडिया लिमिटेड को केंद्र स्थापित करने के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह देश में विद्युत क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर