आईआईटी खड़गपुर का इम्पैक्ट राइज़ कॉन्क्लेव 2026 सफलतापूर्वक संपन्न
- Admin Admin
- Jan 17, 2026



कोलकाता, 17 जनवरी (हि. स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर द्वारा आयोजित इम्पैक्ट राइज़ कॉन्क्लेव 2026 का भव्य समापन 17–18 जनवरी को न्यूटाउन, कोलकाता स्थित आईआईटी खड़गपुर रिसर्च पार्क में सफलता के साथ संपन्न हुआ। “फोर्जिंग फ्यूचर्स : इंजीनियरिंग सोशल चेंज – पूंजी, नवाचार और कार्रवाई का समन्वय” विषय पर आधारित इस दो दिवसीय सम्मेलन ने सतत विकास की दिशा में भारत की प्रतिबद्धताओं को नई गति दी।
इस ऐतिहासिक सम्मेलन में केंद्रीय एवं राज्य मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, सार्वजनिक उपक्रमों के प्रमुख, वैज्ञानिक, शिक्षाविद्, प्रभाव निवेशक, उद्योग जगत और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि एक मंच पर एकत्र हुए। सम्मेलन का उद्देश्य अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास और उद्यमिता के माध्यम से आरआईएसई (रिसर्च, इनोवेशन, स्किलिंग एंड एंटरप्रेन्योरशिप) मॉडल को सशक्त बनाना रहा।
सम्मेलन में उच्चस्तरीय पूर्ण सत्र, मुख्य वक्तव्य, विषयगत चर्चा, प्रभाव नेतृत्व संवाद, नीति विमर्श, सैंडबॉक्स विचार-मंथन कार्यशाला और कई महत्वपूर्ण शुभारंभ किए गए। यह आयोजन संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों तथा राष्ट्रीय अभियानों के अनुरूप रहा, जिसमें ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य व स्वच्छता, शिक्षा व कौशल, स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु सहनशीलता, पारिस्थितिकी, जनजातीय कल्याण, सतत गतिशीलता, सीएसआर (2.0) और स्थानीय शासन जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया।
आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती ने कहा कि यह सम्मेलन परिणामोन्मुख, प्रौद्योगिकी आधारित प्रभाव साझेदारियों के लिए एक वार्षिक मंच स्थापित करता है, जिससे विज्ञान और प्रौद्योगिकी को देश की जमीनी चुनौतियों के समाधान में बदला जा सके।
सम्मेलन की प्रमुख उपलब्धियों में आईआईटी खड़गपुर इम्पैक्ट पोर्टफोलियो का विमोचन शामिल रहा, जो इम्पैक्ट राइज़ पहल की दृष्टि, मिशन और चयनित स्टार्टअप्स को दर्शाने वाली एक कॉफी टेबल पुस्तक है। साथ ही इम्पैक्ट राइज़ इम्पैक्ट वेंचर फंड का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य प्रभावकारी और विस्तार योग्य उद्यमों को सहयोग प्रदान करना है। जल संरक्षण को समर्पित पानी बावनी पहल तथा इससे संबंधित पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। इसके अलावा टेक्समेको रेल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड और इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के साथ दीर्घकालिक सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
आईआईटी खड़गपुर रिसर्च पार्क के मुख्य रणनीति एवं संचालन प्रमुख, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुनील कुमार गुप्ता ने कहा कि संस्थान का दर्शन स्पष्ट है—प्रयोगशालाओं में निर्माण, परिसर में परीक्षण और फिर उत्तरदायित्व व उद्देश्य के साथ वैश्विक स्तर पर विस्तार।
सम्मेलन के दौरान सस-10 (सस्टेनेबिलिटी-10) पहल का शुभारंभ किया गया, जिसके अंतर्गत 10 नए स्टार्टअप, 10 सततता प्रमाणन कार्यक्रम और शुद्ध-शून्य (नेट-ज़ीरो) परिसर लक्ष्य की दिशा में 10 विकास परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त “कैच देम यंग” युवा उद्यमिता विकास कार्यक्रम की घोषणा की गई, जिसके तहत प्रतिवर्ष 500 स्नातक छात्रों को इंटर्नशिप के अवसर प्रदान किए जाएंगे। सैंडबॉक्स कार्यशाला में नेट-ज़ीरो परिसर और सतत गांवों जैसी चुनौतियों के लिए सह-निर्मित कार्ययोजनाएं तैयार की गईं।
इस अवसर पर 45 से अधिक विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति रही, जिनमें केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, इसरो के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन, देश के 51वें मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना, परमाणु वैज्ञानिक डॉ. के.एन. व्यास, कोल इंडिया लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष गोपाल सिंह, भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान के पूर्व महानिदेशक डॉ. भास्कर चटर्जी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक प्रदीप त्रिपाठी, पश्चिम बंगाल सरकार की श्रीमती श्रीरूपा मित्र चौधरी तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की डॉ. नीलिमा आलम शामिल रहीं।
कार्यक्रम की मेजबानी अनुसंधान एवं विकास के अधिष्ठाता प्रो. सूरज्य पाल तथा सह-अधिष्ठाता प्रो. अभिजीत मुखर्जी ने की। इम्पैक्ट राइज़ कॉन्क्लेव आईआईटी खड़गपुर के प्लेटिनम जयंती वर्ष में समाजोन्मुख नवाचार के माध्यम से मापनीय और समावेशी परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हुआ।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता



