एमसीबी: अवैध अंतर्राज्यीय चावल परिवहन पर प्रशासन का शिकंजा, गोयल एग्रो केवटी के संचालक को कारण बताओ नोटिस

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 02 जनवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में अवैध चावल परिवहन और राइस मिल संचालन में अनियमितताओं को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर कार्यालय की खाद्य शाखा द्वारा केल्हारी तहसील अंतर्गत केवटी स्थित गोयल एग्रो केवटी राइस मिल के संचालक संजीव कुमार गोयल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई केल्हारी अनुविभागीय अधिकारी इंदिरा मिश्रा, भरतपुर अनुविभागीय अधिकारी शशि शेखर मिश्रा, खाद्य निरीक्षक भरतपुर प्रवीण मिश्रा एवं केल्हारी खाद्य निरीक्षक ममता भगत की संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 दिसंबर 2025 को मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र के ग्राम घुघरी में 32 टन चावल से लदा एक वाहन जप्त किया गया था। इस कार्रवाई के बाद 22 दिसंबर 2025 को गोयल एग्रो केवटी राइस मिल का भौतिक सत्यापन किया गया। संयुक्त जांच में सामने आया कि मिल द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए अनाधिकृत रूप से अंतर्राज्यीय चावल परिवहन किया गया, वहीं बिना अनुमति चावल का क्रय भी किया गया था।

जांच प्रतिवेदन में यह भी उजागर हुआ कि शासकीय धान को एक मिल से दूसरी मिल में अवैध रूप से स्थानांतरित किया गया। इसके अलावा चावल और धान के स्टॉक का संधारण निर्धारित प्रारूप में नहीं किया जा रहा था तथा मासिक विवरणियां भी नियमित रूप से जिला कलेक्टर को प्रस्तुत नहीं की जा रही थीं। भौतिक सत्यापन के दौरान 774.04 क्विंटल चावल की भारी कमी पाई गई, जिससे मामला और अधिक गंभीर हो गया है।

संयुक्त टीम की रिपोर्ट में गोयल एग्रो केवटी राइस मिल को डमी मिल के रूप में संचालित होने की आशंका भी जताई गई है। जांच में पाया गया कि मिल केवल दस्तावेजों में कस्टम मिलिंग का कार्य दर्शा रही थी, जबकि वास्तविक संचालन के प्रमाण नहीं मिले। अत्यंत कम विद्युत खपत को भी इस संदेह का आधार बताया गया है। निरीक्षण के दौरान मिल परिसर में गंभीर गंदगी पाई गई, जहां चावल और धान के भंडारण स्थल पर मरे हुए चूहे, कबूतरों की बीट और सड़ी अवस्था में चावल मिले। इन हालातों को स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक बताते हुए फूड पॉयजनिंग की आशंका भी व्यक्त की गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कृत्य छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016, धान खरीदी से संबंधित आदेशों और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 एवं 7 का स्पष्ट उल्लंघन है। जारी नोटिस में मिल संचालक को सात दिवस के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में एकपक्षीय कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से जिले में खाद्य आपूर्ति व्यवस्था की पारदर्शिता और उपभोक्ता स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सख्ती साफ तौर पर सामने आई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह