लखनऊ, 20 जनवरी (हि.स.)। प्रसिद्ध जल संरक्षण कार्यकर्ता एवं ‘वॉटरमैन ऑफ इंडिया’ डॉ. राजेन्द्र सिंह द्वारा लिखित पुस्तक अरावली पर नया संकट का भव्य लोकार्पण राजस्थान के अलवर शहर में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में विदेशी प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति रही। इस अवसर पर एसएमएस के बीबीए छात्र उत्कर्ष सिंह भी उपस्थित रहे। यह जानकारी मंगलवार को स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज, लखनऊ के महानिदेशक (तकनीकी) प्रो. भरत राज सिंह ने दी।
लोकार्पण कार्यक्रम के उपरांत विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने अलवर क्षेत्र का भ्रमण किया और डॉ. राजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में किए गए जल पुनर्भरण कार्यों—बावड़ियों, पोखरों, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों—का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इन प्रयासों से न केवल सूखे जलस्रोतों में पुनः जल भराव हुआ है, बल्कि क्षेत्र की भूमि उर्वरता भी पुनर्जीवित हुई है।
डॉ. राजेन्द्र सिंह ने पुस्तक के संपादन के लिए प्रो. भरत राज सिंह (वर्तमान में महानिदेशक (तकनीकी), स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज, लखनऊ) के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रो. सिंह द्वारा किया गया संपादन, साथ ही सारगर्भित दो शब्द एवं भूमिका लेखन, पुस्तक को अधिक प्रामाणिक और प्रभावशाली बनाता है। यह कृति अरावली क्षेत्र पर मंडराते पर्यावरणीय संकटों को रेखांकित करते हुए संरक्षण की दिशा में ठोस विमर्श प्रस्तुत करती है।
इस अवसर पर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज, लखनऊ के सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी शरद सिंह के प्रयासों का भी उल्लेख किया गया। डॉ. राजेन्द्र सिंह ने बताया कि शरद सिंह के नेतृत्व में एसएमएस परिसर को रूफ-टॉप सोलर संयंत्र की स्थापना के माध्यम से 100 प्रतिशत हरित ऊर्जा पर संचालित किया जा रहा है, जो सतत विकास की दिशा में एक अनुकरणीय पहल है।
पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम ने जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन एवं हरित ऊर्जा के महत्व पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक संदेश दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप



