सेना की नई 'भैरव फोर्स' राजस्थान में तैनात, कमांडो को दी गई ऑपरेशन की ट्रेनिंग

- जयपुर में इस साल 14 जनवरी को सेना दिवस परेड में प्रदर्शन करेगी भैरव बटालियन

नई दिल्ली, 04 जनवरी (हि.स.)। देश की सुरक्षा और आधुनिक युद्ध की चुनौतियों का सामना करने के लिए भारतीय सेना ने एक स्पेशल फोर्स तैयार की है, जिसका नाम 'भैरव' रखा गया है। राजस्थान के नसीराबाद में तैनात यह फोर्स एक लाख से ज्यादा ड्रोन संचालित करेगी, जिसके लिए कमांडो को तैयार किया गया है। इन्हें ड्रोन संचालित करने और दुश्मन के ठिकानों पर हमला करने की ट्रेनिंग दी गई है, जिससे आज के समय के युद्ध के हालात में भारतीय सेना की काबिलियत बढ़ती है।​

नसीराबाद में तैनात भैरव बटालियन के एक कमांडिंग ऑफिसर का कहना है कि आजकल की लड़ाई बहुत तेजी से बदल रही है। आज की लड़ाइयां हाइब्रिड होती हैं और चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक से पूरी तरह लैस होना जरूरी है। इसीलिए भैरव बटालियन को आधुनिक तकनीक, नई सोच और नई ऑपरेशनल जरूरतों के हिसाब से बनाया गया है। भारतीय सेना ने आधुनिक युद्ध की चुनौतियों का सामना करने के लिए एक लाख से ज्यादा ड्रोन संचालकों का समूह बनाया है। भैरव बटालियन जयपुर में इस साल 14 जनवरी को सेना दिवस परेड में अपने प्रदर्शन की तैयारी कर रही है।

उन्होंने बताया कि भैरव बटालियन को युद्ध के नए तौर-तरीकों के लिए प्रशिक्षित किया गया है। बटालियन में विशेष रूप से प्रशिक्षित घातक कमांडो इकाइयां हैं, जिन्हें पारंपरिक पैदल सेना और विशिष्ट पैरा-स्पेशल फोर्सेज के बीच की खाई को पाटने के लिए बनाया गया है, ताकि वे चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर तेज, उच्च-प्रभाव वाले और क्रॉस-बॉर्डर ऑपरेशन कर सकें। इनमें आधुनिक तकनीक और ड्रोनों (जैसे अस्त्रों) का इस्तेमाल किया जाता है। ये बटालियन दुश्मन के ठिकानों पर डीप स्ट्राइक करने, टोही और घुसपैठ करने में माहिर होती हैं, जिससे एलीट स्पेशल फोर्सेज को अधिक जटिल मिशनों के लिए मुक्त रखा जा सके।

भारतीय सेना 25 भैरव बटालियन बना रही है, जिनमें से पहली बटालियन पिछले साल नवंबर में तैनाती के लिए तैयार हो गई थी और बाकी को तैयार किया जा रहा है। सामान्य तौर पर सेनाओं में अलग-अलग हथियारों, सिग्नल आदि की अलग-अलग इकाइयां होती हैं, जिन्हें युद्ध के दौरान सभी को साजो-सामान लेकर डटना होता है। अब नई बनाई गई प्रत्येक भैरव बटालियन में लगभग 250 सैनिक होंगे, जिनमें पैदल सेना, तोपखाने, सिग्नल और वायु रक्षा जैसी विभिन्न शाखाओं के जवान शामिल होंगे। यह जवान विशेष रूप से प्रशिक्षित और सुसज्जित सैनिक तोपखाने से लैस होंगे और उनके पास विमान-रोधी मिसाइलें भी होंगी।

सेना की इन्फैंट्री के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार सिंह ने बताया कि भारत अगले छह महीनों में 25 उत्कृष्ट भैरव बटालियन स्थापित करेगा। पांच भैरव बटालियन गठित कर दी गई हैं और उन्हें इच्छित परिचालन क्षेत्रों में तैनात कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि यह बल पैदल सेना बटालियनों और विशेष बलों, कमांडो बटालियनों के बीच की खाई को पाटने, चुनौतियों का सामना करने और कार्य को अंजाम देने के लिए बनाया गया है। उन्होंने बताया कि दुश्मनों के कमजोर क्षेत्रों पर तीव्र हमले, आतंकवाद-रोधी अभियानों और सीमा गश्त करना इस विशेष बल के गठन का मुख्य उद्देश्य है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीत निगम