आई-पैक छापे मामला: नबान्न के सामने प्रदर्शन की अनुमति के लिए भाजपा पहुंची हाई काेर्ट
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- Jan 13, 2026
कोलकाता, 13 जनवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में इंडियन पॉलीटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) से जुड़े छापों को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई ने राज्य सचिवालय नबान्न के सामने विरोध प्रदर्शन की अनुमति मांगते हुए मंगलवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है।
न्यायमूर्ति शंपा दत्ता पॉल की एकल पीठ ने भाजपा की याचिका को स्वीकार कर लिया है। अब यह देखना होगा कि उच्च न्यायालय नबान्न जैसे उच्च सुरक्षा क्षेत्र के सामने प्रदर्शन की अनुमति देता है या नहीं।
बताया गया है कि 8 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा आई-पैक के कार्यालय और उसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर एक साथ छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया गया था। आरोप है कि इसी दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ दोनों स्थानों पर पहुंचीं और कथित तौर पर कुछ कागजी फाइलें तथा इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज अपने साथ ले गईं।
इस प्रकरण को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने उच्चतम न्यायालय और कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। इसमें मुख्यमंत्री पर संवैधानिक पद का दुरुपयोग करने और केंद्रीय एजेंसी के कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है। दोनों अदालतों में मामले की सुनवाई अभी लंबित है।
इसी बीच, पश्चिम बंगाल भाजपा ने कोलकाता से सटे हावड़ा जिले के मन्दिरतला स्थित नबान्न के सामने विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। हालांकि नबान्न उच्च सुरक्षा क्षेत्र होने के कारण यहां किसी भी प्रदर्शन के लिए विशेष अनुमति आवश्यक है। इसी कारण भाजपा ने सीधे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा की इस पहल पर तंज कसा है। पार्टी के युवा नेता और सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ के प्रभारी देबांग्शु भट्टाचार्य ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा नेताओं को अच्छी तरह पता है कि वे कभी नबान्न के भीतर की कुर्सी पर नहीं बैठ पाएंगे, इसलिए वे बाहर बैठकर ही अपनी राजनीतिक प्यास बुझाना चाहते हैं।-------------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर



