आईपीयू ने नरेला में तीसरे परिसर के साथ उत्तर की ओर किया विस्तार, 22.43 एकड़ जमीन का औपचारिक हस्तांतरण
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- Jan 10, 2026
नई दिल्ली, 10 जनवरी (हि.स.)। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) को दिल्ली के उपराज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति विनय कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने नरेला में 22.43 एकड़ जमीन औपचारिक रूप से सौंपी। जमीन का हस्तांतरण समारोह लोक निवास में आयोजित किया गया, जिसमें दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री अशीष सूद उपस्थित थे।
यह कदम राष्ट्रीय राजधानी में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस महत्वपूर्ण विकास पर अपने विचार साझा करते हुए आईपीयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) महेश वर्मा ने कहा कि नरेला में जमीन का कब्जा हमें विश्वविद्यालय के तीसरे परिसर की स्थापना के अपने लंबे समय से चले आ रहे सपने को साकार करने के करीब लाता है। यह परिसर न केवल हमारी भौतिक उपस्थिति का विस्तार करेगा बल्कि उभरती राष्ट्रीय और वैश्विक जरूरतों को पूरा करने के लिए एक भविष्य-प्रस्तुत शैक्षिक इकोसिस्टम के रूप में काम करेगा।
उन्होंने कहा कि नरेला परिसर को एक अत्याधुनिक केंद्र के रूप में देखा जा रहा है, जो उच्च मांग और समकालीन कार्यक्रमों की पेशकश करेगा। इसमें एआई और उभरती प्रौद्योगिकियों, इंजीनियरिंग और अनुप्रयुक्त विज्ञान, स्वास्थ्य और आयुष, फिल्म प्रोडक्शन और संचार, कृषि और संबद्ध अध्ययन, रक्षा और रणनीतिक अध्ययन, अंतर्राष्ट्रीय संबंध और प्रबंधन में स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध कार्यक्रम शामिल होंगे, जो मजबूत अंतःविषय अनुसंधान द्वारा समर्थित हैं।
महेश वर्मा ने बताया कि इनमें से कुछ नए कार्यक्रम पहले से ही विश्वविद्यालय के द्वारका परिसर में शुरू हो चुके हैं और एक बार बुनियादी ढांचे के तैयार होने पर नरेला परिसर में स्थानांतरित किए जाएंगे, जिससे शैक्षिक गतिविधियों की निरंतरता सुनिश्चित होगी और नई सुविधाओं में एक सहज संक्रमण होगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय अपने मुख्य परिसर द्वारका और पूर्वी दिल्ली परिसर सूरजमल विहार के माध्यम से पाठ्यक्रम चलाता है। नरेला परिसर के जोड़ से विश्वविद्यालय की भौगोलिक उपस्थिति और शैक्षिक पहुंच में काफी वृद्धि होगी।
इस अवसर पर डीडीए के उपाध्यक्ष एन. शरवन कुमार, आईपीयू के रजिस्ट्रार, डॉ. कमल पाठक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी



