राजस्थान के सवाई माधोपुर में देश का पहला अमरूद महोत्सव शुरू

सवाई माधोपुर, 18 जनवरी (हि.स.)। सवाई माधोपुर में रविवार से देश का पहला अमरूद महोत्सव शुरू हो गया। जिले के 263वें स्थापना दिवस के अवसर पर यह महोत्सव दशहरा मैदान में मंगलवार तक चलेगा। इस अनूठे आयोजन में देशभर से 10 हजार से अधिक किसान भाग ले रहे हैं।

महोत्सव में अमरूद की 30 से अधिक किस्मों के पौधों की प्रदर्शनी लगाई गई है। इसके साथ ही अमरूद से बने प्रोसेसिंग प्रोडक्ट्स, कृषि यंत्रीकरण एवं ऑटोमेशन, उद्यानिकी तकनीक, कृषि आदान और समन्वित खेती आधारित पशुधन गतिविधियों के लाइव डेमो सहित करीब 200 तरह की स्टॉल्स लगाई गई हैं।

महोत्सव का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने किया। दोनों नेताओं ने किसानों से संवाद किया और विभिन्न स्टॉल्स पर जाकर अलग-अलग किस्म के अमरूद चखे।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि अमरूद के अनेक आयुर्वेदिक फायदे हैं और यह कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने में सहायक है। उन्होंने घोषणा की कि सवाई माधोपुर में 150 करोड़ रुपए की लागत से राजस्थान की सबसे बड़ी फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएगी, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार और भजनलाल सरकार एग्रोटेक इंडस्ट्री के जरिए किसानों को समृद्ध बनाने की दिशा में काम कर रही है।

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि देश में सबसे अधिक अमरूद का उत्पादन सवाई माधोपुर में होता है। वर्तमान में यहां अमरूद से 700 करोड़ रुपए का कारोबार हो रहा है, जिसे 1500 करोड़ रुपए तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में कुल 14 हजार हेक्टेयर में अमरूद की खेती होती है, जिसमें से 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र अकेले सवाई माधोपुर में है।

डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने विपक्ष पर किसानों को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि डूंगरी बांध को लेकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल 9-10 गांव ही विस्थापित होंगे और उन्हें उचित मुआवजा व सुविधाएं दी जाएंगी।

महोत्सव के दौरान लोक कलाकारों ने पद दंगल और लोकगीतों की प्रस्तुतियां दीं। कृषि मंत्री के लिए गाए गए लोकगीत “बाबो लायो नई स्कीम” और “बाबो लायो अमरूद” पर लोग झूमते नजर आए। मंच पर पहुंचते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा का पारंपरिक लोकगीतों से स्वागत किया गया।

रणथंभौर टाइगर सफारी पर आए विदेशी पर्यटक भी अमरूद महोत्सव में शामिल हुए। वे लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों पर स्थानीय कलाकारों के साथ थिरकते नजर आए, जिससे महोत्सव की रौनक और बढ़ गई।

महोत्सव में भरतपुर से आए किसान विष्णु मित्तल ने बताया कि देश के अलग-अलग हिस्सों से किसान यहां पहुंचे हैं, लेकिन उनके लिए ठहरने और खाने-पीने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अमरूद महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर की म्यूजिकल नाइट का आयोजन किया जाएगा, जिसे लेकर किसानों और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित