हाईवा ने स्कूली बच्चों से भरे ई-रिक्‍शा को मारी टक्कर, 06 स्कूली बच्चों को लगी चोट

दुमका, 13 जनवरी (हि.स.)। उपराजधानी दुमका में एक बड़ी अनहोनी घटने से बच गई जब कोयला लदे तेज रफ्तार हाईवा ने स्कूली बच्चों से भरे ई-रिक्‍शा को पीछे से टक्कर मार दिया। हाईवा के टक्कर से ई-रिक्‍शा दूर जाकर सड़क किनारे जाकर रूकी। ई-रिक्‍शा में सवार स्कूली बच्चे इधर-उधर गिर पड़े। गनीमत रहीं की पीछे से दूसरा वाहन नहीं आ रहा था, अन्यथा एक बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

हलांकि दुर्घटना में टोटो में सवार 06 बच्चे घायल हो गये। घटना दुमका-पाकुड़ मुख्य पथ पर नकटी गांव के समीप घटी। स्थानीय लोगों की मदद से घायल बच्चों को इलाज के लिए फुलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल, दुमका में भर्ती कराया गया है।

वहीं घटना से आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया। वहीं सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस लोगों को समझा बुझाकर जाम हटाने के प्रयास में जुटी है। लेकिन लोग सड़क काे फोरलेन करने और कोयला लदे वाहनों के परिचालन को लेकर प्रशासन से मांग करते हुए जाम पर अड़े रहे।

वहीं सभी घायल बच्चे लिटिल एंजेल स्कूल में पढ़ाई करते थे।

इधर, मामले को लेकर छात्र नेता डॉ श्यामदेव हेम्ब्रम ने स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासन और कोल कंपनी जीबीआर एवं बीजीआर पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि एक साल में लगभग 200 से अधिक लोगों की कोयला लदे हाईवा की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। इसके बाद भी प्रशासन की ओर से सड़क दुर्घटनाओं में वृ‍िृृद्धि पर लगाम लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी। डॉ हेंब्रम ने कहा कि लोगों के विरोध पर काठीकुंड के पास ब्रेकर बनाकर खानापूर्ति कर कर्त्तव्यों का निर्वहन कर पल्ला झाड़ लिया गया।

उल्‍लेखनीय है कि कंपनी के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और एसडीएम की मौजूदगी में ग्रामीणों के समक्ष फोर लेन निर्माण होने तक शाम सात बजे के बाद और सुबह सात बजे तक कोयला लदे वाहनों का परिचालन सुनिश्चित करने के आश्वासन पर समझौता हुआ था। लेकिन प्रशासन की ओर से केवल ब्रेकर बना दियाा। इसके बाद भी दुर्घटना में मौत का क्रम नहीं रूका।

इधर, स्‍थानीय लोग जाम स्थल पर डटे रहे। समाचार लिखे जाने तक जाम की स्थिति बनी हुई थी और जाम से सड़क के दोनों किनारे वाहनों का लंबी कतारें लगी रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / नीरज कुमार