डालसा ने आयोजित किया बाल विवाह पर जागरूकता कार्यक्रम

रांची, 02 जनवरी (हि.स.)। झालसा के निर्देश पर अध्यक्ष सह न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में शुक्रवार को मांडर प्रखंड के पुंगी गांव में बाल विवाह के खिलाफ 100 दिवसीय कार्रवाई के तहत, नालसा की ओर से संचालित आशा अभियान के विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में एलएडीसी चीफ, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि 18 साल से कम उम्र की लड़की और 21 साल से कम उम्र के लड़कों का विवाह बाल विवाह कहलाता है। इससे शिक्षा बाधित होती है, जिससे भविष्य अंधकारमय हो जाता है। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा और दुर्व्यवहार का खतरा बढ़ जाता है। कम उम्र में गर्भावस्था और प्रसव से मां और बच्चे दोनों को गंभीर स्वास्थ्य जोखिम रहता है। आर्थिक रूप से पति पर निर्भरता बढती है।

डायन-प्रथा, बाल श्रम और बाल अपराध की दी गई जानकारी

श्रीवास्तव ने कहा कि इसे लेकर जागरूकता बढ़ाना, लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देना, कानून का कड़ाई से पालन और बाल संरक्षण सेवाओं (जैसे हेल्पलाइन 1098) का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। मौके पर टॉल फ्री नम्बर - 15100 की जानकारी भी दी। विधि के छात्र-छात्राओं की ओर से डायन-प्रथा, बाल श्रम, बाल अपराध तथा घरेलू हिंसा के बारे में भी जानकारी दी।

वहीं पीएलवी सुमन ठाकुर ने उपस्थित लोगों को सरकार की ओर से चलायी जा रही लाभकारी योजनओं के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रखंड, पंचायत और अस्पतालों में पीएलवी नियुक्त हैं और जरूरत पड़ने पर आप मदद ले सकते हैं।

इस अवसर पर एलएडीसी चीफ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, पीएलवी सुमन ठाकुर, विनिता कुमारी, सोनी कुमारी, डॉ अनिल कुमार आफताब अंसारी, शामी अंसारी, तालिब अंसारी, कालेन्द्र गोप और राजा वर्मा सहित अन्य उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak