झारखंड के शहीदों को इतिहास में नहीं मिला उचित स्थान : सुदेश

रांची, 08 जनवरी (हि.स.)। आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो पार्टी नेता और कार्यकर्ताओं के साथ चुटुपालु घाटी स्थित शहीद शेख भिखारी एवं शहीद टिकैत उमराव सिंह के शहादत स्थल पर गुरुवार काे पहुंचे तथा भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

सुदेश शहीद टिकैत उमराव सिंह के पैतृक गांव खटंगा, ओरमांझी भी पहुंचे और उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित की। उनके साथ पूर्व विधायक डॉ लंबोदर महतो, प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत, केंद्रीय उपाध्यक्ष द्वय प्रवीण प्रभाकर और हसन अंसारी, महासचिव संजय मेहता, जिलाध्यक्ष संजय महतो ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। मौके पर सुदेश दोनों शहीदों के वंशजों से भी मिले।

इस मौके पर सुदेश ने कहा कि 1857 की क्रांति में झारखंड के वीरों और शहीदों ने अहम भूमिका निभाई थी, जो राष्ट्रीय स्तर पर पूरी तरह प्रकाश में नहीं आ पाया है। झारखंड के शहीदों की जीवनी और इतिहास से देश को परिचित कराने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि झारखंड में 1857 में बागी सैनिकों के साथ आम जनता भी कंधे से कंधा मिलाकर लड़ी थी। इन शहीदों को अंग्रेजों ने जबरन फांसी पर लटका दिया था।

उन्होंने कहा कि मां भारती की स्वतंत्रता, स्वाभिमान और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए दिए गए इन महान वीरों के बलिदान को आजसू पार्टी शत्-शत् नमन करती है। उनकी शहादत सदैव हमें संघर्ष, साहस और समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।

मौके पर प्रताप सिंह, ज्ञान सिन्हा, कुमुद बर्मा, ओम बर्मा, हाकिम अंसारी, मुजिबुल अंसारी, जिप सदस्य पार्वती देवी, सरिता देवी, दिगंबर महतो सहित पार्टी के अन्य उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak