(लीड) रांची से लापता अंश और अंशिका सकुशल बरामद, मानव तस्करी के अंतरराज्यीय सिंडिकेट का खुलासा
- Admin Admin
- Jan 14, 2026


रांची, 14 जनवरी (हि.स.)। झारखंड पुलिस ने राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से लापता हुए दो मासूम बच्चों अंश और अंशिका को बुधवार सुबह रामगढ़ जिले के चितरपुर से सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में शामिल दो आरोपितों को भी गिरफ्तार किया गया है, जो बिहार के औरंगाबाद जिले के निवासी हैं। बच्चों के सुरक्षित मिलने से परिजनों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।
इन दोनों बच्चों का सुराग देने वालों के लिए पुलिस की ओर से दो-दो लाख रुपये, यानी कुल चार लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड पुलिस ने विशेष टीम गठित कर व्यापक स्तर पर सघन अभियान चलाया।
झारखंड पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा ने बताया कि अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) मनोज कौशिक की विशेष मॉनिटरिंग में तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन के नेतृत्व में 48 पुलिस पदाधिकारियों की एक विशेष टीम गठित की गई थी।
डीजीपी ने कहा कि यह मामला केवल अपहरण तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव तस्करी से जुड़े एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट की ओर संकेत करता है। इसमें कई और लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस की जांच अभी जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 2 जनवरी को शालीमार बाजार से बच्चों के लापता होने के बाद रांची पुलिस ने हर संभव प्रयास शुरू कर दिया था। अंश और अंशिका की तस्वीरों वाले पोस्टर पूरे शहर और सार्वजनिक वाहनों में लगाए गए। पुलिस अधिकारियों ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस के माध्यम से भी आम जनता से सहयोग की अपील की। बच्चों के पिता और हटिया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) सहित तीन मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए गए, जिनके माध्यम से पल-पल की सूचनाएं एकत्र की गईं।
डीजीपी ने बताया कि मामले की जांच के दौरान 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया और संदिग्ध गतिविधियों का सत्यापन किया गया। इसके अलावा 5,000 से अधिक वाहनों की जांच कर उनकी संभावित संलिप्तता की पड़ताल की गई। विभिन्न राज्यों में ऐसे मामलों से जुड़े आरोपितों का सत्यापन कर इस घटना से उनके संबंधों की भी जांच की गई।
बच्चों की बरामदगी के लिए झारखंड के विभिन्न जिलों में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, टेंपो स्टैंड, हाट-बाजार सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर पोस्टरों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। जगरनाथपुर और धुर्वा थाना क्षेत्र के संभावित एवं संदिग्ध इलाकों में ड्रोन के जरिए सघन निगरानी की गई। मामले के खुलासे में डॉग स्क्वॉयड की टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक की ओर से पूरे देश में ‘ह्यू एंड क्राई’ नोटिस जारी किया गया। साथ ही विभिन्न बाल संगठनों ने भी सूचना प्रसारण में सराहनीय योगदान दिया।
डीजीपी ने इस कठिन और संवेदनशील अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली टीम को बधाई देते हुए कहा कि इसमें शामिल सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को उनकी तत्परता और साहस के लिए पुरस्कृत किया जाएगा।
प्रेस वार्ता के दौरान बच्चों के माता-पिता भी मौजूद थे। 13 दिनों के बाद अपने बच्चों को सुरक्षित वापस पाकर उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने पुलिस प्रशासन और इस अभियान में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मानव तस्करी के इस अंतरराज्यीय सिंडिकेट के तार और किन-किन राज्यों तथा स्थानों से जुड़े हैं। पुलिस को आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।-------------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे



