अबुआ दिशोम बजट को लेकर पूर्व गोष्ठी संपन्न, कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर
- Admin Admin
- Jan 16, 2026
रांची, 16 जनवरी (हि.स.)। अबुआ दिशोम बजट 2026–27 को लेकर आयोजित दो दिवसीय बजट पूर्व गोष्ठी शुक्रवार को संपन्न हो गया।
गोष्ठी के अंतिम दिन विशेषज्ञों से प्राप्त सुझावों के आधार पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन और बजटीय प्रावधानों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग व्यय पर फोकस करें ताकि आवंटित राशि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।
वित्त मंत्री ने कहा कि पोषाहार जैसी योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे, इसके लिए प्रशासी विभागों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी, जिससे वित्त विभाग जरूरी बजटीय उपबंध कर सके। उन्होंने राजस्व वृद्धि पर जोर देते हुए कहा कि टैक्स प्रणाली में निरंतर सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि और सिंचाई राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल हैं।
किशोर ने कहा कि ऐसी योजनाएं बनाएं जिससे मैट्रिक पास बच्चों को राज्य के बैंक से जोड़ कर इन्हें सुलभ ऋण उपलब्ध कराया जाए ताकि ये स्वरोजगार कर आर्थिक रूप से मजबूत हों। उन्होंने कहा कि सीएसआर फंड को ऑर्गेनाइज करने की जरूरत है।
उच्च शिक्षा की दिशा में भी काम करने की जरूरत है। उन्होंने राज्य में बिरसा मुंडा विश्वविद्यालय की स्थापना की जरूरत बताई।
शिक्षा और नारी सशक्तिकरण में झारखंड ने किया बेहतर काम : सुदिव्य
मौके पर मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि वर्ष 2020 के बाद झारखंड ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा में ड्रॉपआउट दर में राज्य की स्थिति पहले से बेहतर हुई है, जबकि प्राथमिक शिक्षा स्तर पर ड्रॉपआउट लगभग शून्य हो गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए जरूरी प्रावधान करेगी सरकार : सुदिव्य
वहीं मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि आगामी बजट में सरकार राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए भी जरूरी प्रावधान करेगी, ताकि समग्र विकास को और गति मिल सके।
मौके पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि तेजी से बदलते दौर में स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य को ऊंचे पायदान पर स्थापित करने के लिए बहुआयामी प्रयास जरूरी है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि आधारभूत संरचना के विकास के तहत रिम्स-2, हाईटेक लैब की स्थापना और सभी जिलों में कम से कम 10 आईसीयू बेड की सुविधा बहाल करने की दिशा में काम करने की जरूरत है।
पीडीएस प्रणाली में प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों के वितरण पर जोर : सचिव
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि इस प्रकार के परामर्शी कार्यक्रम बजट निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि कृषि और सिंचाई राज्य के प्राथमिक क्षेत्र हैं। उन्होंने पीडीएस प्रणाली में प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों के वितरण पर जोर देते हुए कहा कि दाल और अंडा की खरीद के लिए एक सुदृढ़ प्रोक्योरमेंट प्रणाली विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि नियोजन का पक्ष अक्सर बजट प्रक्रिया में छूट जाता है, जिसे दूर करने के लिए सभी विभागों को मिलकर कार्य करना होगा। आधारभूत संरचना का विकास पीपीपी मोड में करने के प्रयासों के साथ-साथ केंद्र प्रायोजित योजनाओं के फंड के उपयोग को भी बढ़ाना होगा।
गोष्ठी में आए प्रमुख सुझाव
- जीएसटी में क्वार्टरली पेमेंट मैकेनिज्म तैयार करने के लिए सुझाव
- असंगठित रूप से कार्य करने वाले ठेकेदार और ट्रांसपोर्टरों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए।
- व्यावसायिक वाहनों के टैक्स और जुर्माने में व्याप्त विसंगतियों को दूर किया जाए।
- टैक्स प्रणाली में जुर्माने में माफी योजना लाने की जरूरत है।
- फूड एंड न्यूट्रिशन सिक्योरिटी के क्षेत्र में विशेष कार्य किया जाए।
- पांच किलो खाद्यान्न के स्थान पर सात किलो खाद्यान्न का बजटीय प्रावधान किया जाए, जैसा कि अन्य राज्यों में लागू है।
- पीडीएस में दाल के साथ-साथ मिलेट्स को भी शामिल किया जाए।
- ग्रीन कार्ड का कवरेज क्षेत्र बढ़ाया जाए।
- सहिया को शिक्षा के साथ-साथ अन्य सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए।
- क्लाइमेट एवं हेल्थ डिवीजन का गठन किया जाए।
वहीं पूर्व गोष्ठी के दूसरे दिन नाै विभागों के बजटीय प्रावधानों पर विशेषज्ञों ने विचार रखा।
राजस्व विभाग के लिए प्रो अचिन चक्रवर्ती, परिवहन विभाग के लिए किशोर मंत्री, वाणिज्य कर के लिए अभिषेक केडिया और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के लिए सुष्मिता जेना ने अपने सुझाव रखा।
ऊर्जा विभाग के बजटीय प्रावधान और योजनाओं के क्रियान्वयन पर अश्वनी अशोक ने अपनी राय दी। स्वास्थ्य विभाग के लिए डॉ संजय पांडे, डॉ संजय कुमार और डॉ. अमरेंद्र कुमार ने सुधारात्मक सुझाव प्रस्तुत किए।
वहीं शिक्षा, आदिवासी कल्याण तथा महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के लिए क्रमशः पारुल शर्मा, डॉ दीपाली डुंगडुंग और प्रीति श्रीवास्तव ने अपने विचार साझा किए।
बजट पूर्व गोष्ठी में विभिन्न विभागों के अपार मुख्य सचिव,प्रधान सचिव, सचिव सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak



