राहुल दुबे गैंग के 06 अपराधी हथियार के साथ गिरफ्तार

बरामद सामानजब्त बाइक

रामगढ़, 14 जनवरी (हि.स.)। जिले के कुजू ओपी क्षेत्र में दहशत फैलाने वाले राहुल दुबे गैंग के 06 अपराधी हथियार के साथ गिरफ्तार किए गए हैं। उन्होंने बीतें 05 जनवरी को व्यवसायी डब्बू सिंह के आवास पर गोलियां चलाई थी। यह गोलीबारी रंगदारी वसूलने के लिए की गई थी।

इस संबंध में एसपी अजय कुमार ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मामले में राहुल दुबे गिरोह ने धमकी भरा पर्चा भी छोड़ा था। उक्त घटना के संबंध में मांडू थाने में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने जिन अपराधियों को गिरफ्तार किया है उनमें ट्रांसपोर्ट नगर कुजू निवासी नकुल कुमार चौहान उर्फ बिजली, राज कुमार करमाली उर्फ राज विश्वकर्मा, बनवार तोपा कोलियरी मुकेश करमाली, डुमरदगा, रांची निवासी रंजीत साव उर्फ रंजन कुमार, रतासीन जिला जौनपुर उत्तर प्रदेश निवासी जयेशपाल, आहोपुर, जिला जौनपुर उत्तर प्रदेश निवासी सन्नी सिंह उर्फ आशुतोष सिंह का नाम शामिल है।

एसपी ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों के पास से दो देशी पिस्तौल, एक देसी कट्टा, 7.65 एमएम का 19, 9 एमएम का 21 और 9.5एमएम का 2 जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। इसके अलावा 8 मोबाइल और 1 यामाहा आर15 मोटरसाइकिल जब्त की गई है।

राहुल और सत्यम के इशारे पर हुई थी वारदात

एसपी अजय कुमार ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीपीओ परमेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में एसआईटी टीम का गठन किया गया था। एसआईटी की टीम ने तकनीकी और आगे की जांच के क्रम में राहुल दुबे और सत्यम शुक्ला उर्फ आशीष शुक्ला के आदेश पर डब्बू सिंह ने रंगदारी का पैसा नहीं दिए जाने को लेकर गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया था। साथ ही धमकी वाला पर्चा भी छोड़ था।

यूपी के शार्प शूटर लेने वाले थे रांची के बड़े व्यवसाई की जान

एसपी अजय कुमार ने बताया कि रांची के एक बड़े व्यवसायी की हत्या की जिम्मेवारी राहुल दुबे की ओर से सत्यम शुक्ला उर्फ आशीष शुक्ला के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश के दो बड़े शूटर को दी गई थी। एसपी ने बताया कि उनकी हत्या करने के लिए 5 लाख में सौदा तय हुआ था और इसे लेकर 50 हजार रुपये एडवांस भी दिया गया था। दोनों डब्बू सिंह के आवास पर फायरिंग की घटना को भी अंजाम दिया था।

इस कार्रवाई से रामगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय संगठित अपराध गिरोह को बड़ा झटका लगा है। पुलिस की तत्परता से न केवल फायरिंग कांड का खुलासा हुआ, बल्कि एक बड़ी आपराधिक साजिश भी समय रहते नाकाम कर दी गई।

वहीं एसआईटी टीम में एसडीपीओ परमेश्वर प्रसाद, मांडू सर्किल इंस्पेक्टर रजत कुमार, कुजू ओपी प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह, बेस्ट बोकारो ओपी प्रभारी दीपक कुमार, मांडू थाना प्रभारी सदानंद कुमार, सब इंस्पेक्टर ओमकार पाल सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश