जो काम अंग्रेज़ी हुकूमत भी नहीं कर पाई, वह आज की सरकार कर रही : प्रदीप जैन आदित्य

काशी के मणिकर्णिका घाट के ध्वस्तीकरण का झांसी में विरोध

झांसी, 17 जनवरी (हि.स.)। काशी के मणिकर्णिका घाट के ध्वस्तीकरण को लेकर शनिवार को झांसी में भी विरोध के स्वर मुखर दिखाई दिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने इस कार्रवाई को सनातन धर्म का अपमान बताते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो काम अंग्रेज़ी हुकूमत भी नहीं कर पाई, वह आज की सरकार कर रही है। यदि जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।

पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन शनिवार काे बुंदेलखण्ड निर्माण मोर्चा के संयोजन में कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानु सहाय ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। यहां प्रदीप जैन ने प्रदर्शनकारियों के साथ नारेबाजी करते हुए कहा कि काशी (वाराणसी) स्थित मणिकर्णिका घाट सनातन धर्म की आस्था का केंद्र और भारत की सांस्कृतिक धरोहर है।

बोले कि सरकार ने जिस प्रकार से मणिकर्णिका घाट को ध्वस्त किया है, उससे करोड़ों हिंदुओं की आस्था को चोट पहुंची है। कहा कि जो काम अंग्रेज कभी नहीं कर पाए वह काम सरकार कर रही है। भगवान शिव की मूर्तियां, शिवलिंग और अहिल्याबाई होलकर की मूर्तियां तोड़कर फेक दी गई हैं, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

बोले कि क्या इस सरकार को जीर्णोद्धार का मतलब नहीं पता। भगवान की मूर्तियां बुलडोजर से तोड़ दी गई हैं जबकि ये सरकार हिन्दू, संस्कृति और धरोहर की बातें करती है। काशी के घाट देश की विरासत और हेरिटेज हैं ऐसे में उन्हें तोड़ना देश के खिलाफ साजिश है।

उन्होंने मांग की कि जिन लोगों ने इन्हें तोड़ा और जो इसके लिए जिम्मेवार हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। अगर उन लोगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो हम शांत नहीं बैठेंगे।

भाजपा सांसद को भी घेरा

बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट भानु सहाय ने भाजपा से झांसी-ललितपुर सांसद अनुराग शर्मा को भी इस मुद्दे पर घेरा। बोले कि मणिकर्णिका महारानी लक्ष्मीबाई का नाम है। उनके नाम पर बना घाट तोड़ दिया गया लेकिन सांसद के मुंह से एक शब्द नहीं निकल रहा। बोले अगर वह विरोध नहीं कर सकते तो आगामी चुनाव में उन्हें अपनी सीट बचाना मुश्किल हो जाएगा।

ये रहे उपस्थित

कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करने वालों में कांग्रेस और बुंदेलखंड राज्य निर्माण मोर्चा की ओर से रघुराज शर्मा, योगेन्द्र सिंह पारीछा, मुकेश अग्रवाल, एडवोकेट विवेक बाजपेयी, एडवोकेट बी एल भास्कर, नीलम चौधरी, शंभू सेन, अखिलेश गुरुदेव, अमीर चंद आर्य, अनिल रिछारिया, जगमोहन मिश्रा, गिरिजा शंकर राय, अखलाक मकरानी, अनिल कश्यप, प्रदीप झा, ब्रजेश राय, उमाचरण वर्मा, सईदा बेगम, मुकेश सिंघल, प्रभू दयाल कुशवाहा, रशीद मंसूरी, एडवोकेट अहसान बख्श, राकेश तिवारी, अनिल श्रीवास्तव, मोहम्मद शफीक शामिल रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया