केजरीवाल ने आयुष्मान भारत को ठुकराया, जनता ने कर दिया बाय-बाय, ममता बनर्जी ने भी नकारा, अब उनकी बारीः जेपी नड्डा
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- Jan 08, 2026
कोलकाता, 08 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक बदलावों को रेखांकित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने गुरुवार देर शाम को डॉक्टर के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल ने आयुष्मान भारत योजना को नकारा और जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस जनकल्याणकारी योजना को ठुकराया है और वर्ष 2026 में जनता उन्हें भी जवाब देगी।
डॉक्टरों की एक बैठक को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि विकसित भारत की कल्पना तभी साकार हो सकती है, जब देश की नींव स्वस्थ भारत पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि बीते ग्यारह वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में अभूतपूर्व और ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं, जिसने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा और दशा दोनों बदल दी हैं।
जेपी नड्डा ने कहा कि वर्ष 2017 में लागू की गई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति ने भारत की सोच को केवल इलाज तक सीमित रखने के बजाय निवारक, संवर्धनात्मक, उपचारात्मक, उपशामक, पुनर्वास और वृद्धावस्था स्वास्थ्य की समग्र अवधारणा से जोड़ा। उन्होंने कहा कि यह नीति संपूर्ण सरकारी दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसमें सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं और मानव, पशु, पर्यावरण तथा कृषि को एक साथ जोड़कर देखा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि देशभर में एक 1.81 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जा चुके हैं, जो प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बन चुके हैं। ये केंद्र तीन से चार हजार की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं और यहीं से आम नागरिक की स्वास्थ्य जांच, परामर्श और उपचार की शुरुआत होती है। आशा कार्यकर्ताओं, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों की नियमित जांच की जा रही है।
नड्डा ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान के लिए व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया गया है। अब तक 40 करोड़ से अधिक लोगों की मुख कैंसर जांच और बीस करोड़ से अधिक महिलाओं की स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा कैंसर जांच की जा चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले समय में इसका दायरा और बढ़ेगा।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से गर्भावस्था से लेकर 16 वर्ष तक बच्चों के टीकाकरण की पूरी निगरानी की जा रही है। यदि किसी बच्चे का टीका छूटता है तो तुरंत संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों और प्रशासन को सूचना मिल जाती है, जिससे कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे।
जेपी नड्डा ने स्वास्थ्य संकेतकों में आए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्थागत प्रसव, मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि तपेदिक और मलेरिया जैसी बीमारियों पर भी देश ने प्रभावी नियंत्रण पाया है और उपचार की सफलता दर वैश्विक औसत से बेहतर हुई है।
आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसके तहत देश के 63 करोड़ से अधिक गरीब और वंचित नागरिकों को पांच लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज मिल रहा है। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीतिक कारणों से पश्चिम बंगाल की जनता को इस योजना से वंचित रखा गया है, जबकि देश के अन्य राज्यों के गरीब इसका लाभ उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 70 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक नागरिक को, बिना किसी आय सीमा के, वार्षिक स्वास्थ्य सुरक्षा देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया, लेकिन पश्चिम बंगाल के बुजुर्गों को भी इस सुविधा से वंचित किया गया है।
जेपी नड्डा ने चिकित्सा शिक्षा में आए बदलावों पर भी प्रकाश डाला और कहा कि मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा सीटों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, जिससे डॉक्टरों की कमी दूर करने में मदद मिली है।
अपने संबोधन के अंत में जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का स्वास्थ्य क्षेत्र आज निवारक, समग्र और डिजिटल बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह नया भारत है, जो गरीब, वंचित और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में जनता इस मॉडल को और मजबूती से समर्थन देगी।-------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर



