जम्मू-कश्मीर पावर प्रोजेक्ट्स फिर से पटरी पर, सिंधु जल समझौते के बाद देरी खत्म -मनोहर लाल खट्टर

जम्मू, 5 जनवरी हि.स.। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोमवार को कहा कि जम्मू और कश्मीर में सभी पावर प्रोजेक्ट जिसमें किश्तवाड़ में बड़े हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट शामिल हैं, तय समय के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं और जोर देकर कहा कि लंबे समय से लंबित मुद्दे जिन्होंने पहले उनके काम में बाधा डाली थी अब हल हो गए हैं।

किश्तवाड़ की अपनी हालिया यात्रा का जिक्र करते हुए खट्टर ने कहा कि सिंधु जल संधि से संबंधित हालिया घटनाक्रम के बाद यह क्षेत्र में किसी केंद्रीय ऊर्जा मंत्री की पहली यात्रा थी। उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंसियों को साफ और पक्के निर्देश दिए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी प्रोजेक्ट बिना किसी और देरी के तय समय पर पूरे हों।

प्रमुख हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स के अपने निरीक्षण के बारे में बात करते हुए खट्टर ने रतले हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट, सलाल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट और सावलकोट हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की अपनी यात्राओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सभी चार प्रमुख प्रोजेक्ट्स पर काम ने गति पकड़ ली है और अब वे मजबूती से पटरी पर आ गए हैं।

खट्टर ने कहा कि सभी पावर प्रोजेक्ट समय पर पूरे होने चाहिए। ये प्रोजेक्ट कई सालों से बन रहे हैं और पहले भी समस्याओं का सामना कर चुके हैं लेकिन अब उन सभी मुद्दों को हल कर दिया गया है। एक-एक करके सभी चार प्रोजेक्ट पूरे होंगे और तय समय के अनुसार बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से जम्मू और कश्मीर को बहुत फायदा होगा और देश की कुल एनर्जी सिक्योरिटी में भी योगदान मिलेगा।

जम्मू और कश्मीर में भारत के हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स पर पाकिस्तान की बार-बार की आपत्तियों का जवाब देते हुए खट्टर ने उन्हें सिर्फ़ बयानबाज़ी कहकर खारिज कर दिया और कहा कि ऐसे बयानों का अब कोई मतलब नहीं रह गया है। खासकर तब जब भारत ने लगातार सीमा पार आतंकवाद के संदर्भ में सिंधु जल संधि की समीक्षा करने पर कड़ा रुख अपनाया है।

खट्टर ने कहा कि पाकिस्तान के बयानों का कोई मतलब नहीं है। प्रधानमंत्री पहले ही साफ कर चुके हैं कि लगातार आतंकवाद के संदर्भ में सिंधु जल संधि की समीक्षा की गई है।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विभिन्न प्रोजेक्ट्स की समीक्षा करने के लिए किश्तवाड़ का दौरा किया।

सवालकोट हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के दौरे पर उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर में नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पाेरेशन (एनएचपीसी) द्वारा बनाए जा रहे इस प्रोजेक्ट से 800 मेगावाट बिजली पैदा होगी जिससे देश की बिजली उत्पादन क्षमता में योगदान मिलेगा। उन्होंने सलाल पावर प्रोजेक्ट का भी दौरा किया।

हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता