मां द्वारा दी गई शिक्षाएं जीवन का आधार होती हैं : राज्यपाल

धर्मशाला, 07 जनवरी (हि.स.)। भारत के सर्वाेच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल के पैतृक गांव गरली, जिला कांगड़ा में उनकी स्वर्गीय माता निर्मला देवी के जन्मोत्सव के अवसर पर बुधवार को शांति पूजन एवं पाठ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने सहभागिता की। लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं।

इस अवसर पर राज्यपाल ने माता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मां द्वारा दी गई शिक्षाएं जीवन का आधार होती हैं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति मां की सेवा करता है और उनके संस्कारों को आत्मसात करता है, वह जीवन में ऊंचाइयों को प्राप्त करता है।

उन्होंने यह भी कहा कि संतों और महापुरुषों के वचनों को ग्रहण करना चाहिए, क्योंकि वे जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं और मानव को सद्मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देते हैं। शांति पूजन एवं पाठ के माध्यम से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। राज्यपाल ने इस आध्यात्मिक एवं श्रद्धा से परिपूर्ण आयोजन में कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में नैतिक मूल्यों, संस्कारों और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं।

कार्यक्रम में देश के विभिन्न भागों से आए अनेक विद्वान आचार्य, संत-महात्मा एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा तथा पुलिस अधीक्षक अशोक रत्न तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया