संसद में लाएंगे धर्मशाला में बुद्ध विश्वविद्यालय का प्रस्ताव : डॉ. राजीव भारद्वाज
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- Jan 12, 2026
धर्मशाला, 12 जनवरी (हि.स.)। कांगड़ा-चंबा लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने घोषणा की कि वे अपने लोकसभा क्षेत्र में बुद्ध विश्वविद्यालय खोलने के प्रस्ताव को संसद में लाने का प्रयास करेंगे, ताकि शांति, करुणा और बौद्ध दर्शन को संस्थागत स्वरूप मिल सके। सांसद डॉ भारद्वाज ने धर्मशाला स्थित निर्वासित तिब्बती संसद के सांसदों के साथ सोमवार को एक बैठक में यह बात कही। इस बैठक में तिब्बतन संसद के स्पीकर, डिप्टी स्पीकर सहित अन्य सांसद उपस्थित रहे। बैठक के दौरान तिब्बत की वर्तमान स्थिति और भारत-तिब्बत के ऐतिहासिक, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक संबंधों पर गहन चर्चा हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि वे ऐसे लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहां महामहिम दलाईलामा निवास करते हैं, जो न केवल तिब्बत बल्कि पूरी दुनिया के लिए शांति और करुणा के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि तिब्बतन समुदाय को यदि किसी भी स्तर पर सहायता की आवश्यकता होगी, तो वे उनकी आवाज़ को केंद्र सरकार तक पूरी मजबूती से पहुंचाएंगे।
डॉ. भारद्वाज ने कहा कि भारत और तिब्बत का रिश्ता केवल राजनीति का नहीं, बल्कि मानवता, संस्कृति और साझा मूल्यों का है। भारत ने हमेशा तिब्बतन समुदाय को सम्मान, सुरक्षा और अपनापन दिया है।
इस अवसर पर तिब्बतन पार्लियामेंट के सांसदों ने कहा कि हमारा अस्तित्व और हमारा वजूद भारत सरकार और भारत के लोगों की वजह से है। भारत ने हमें परिवार की तरह अपनाया है।
उन्होंने यह भी कहा कि तिब्बत भारत के लिए कितना मायने रखता है, यह हमारा मन और इतिहास जानता है, और भारत की भूमिका तिब्बत के लिए हमेशा आशा की किरण रही है। इस अवसर पर तिब्बतन पार्लियामेंट की डिप्टी स्पीकर ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के ऐतिहासिक शब्दों का भी उल्लेख किया कि भारत और तिब्बत एक ही पेड़ की शाखाएं हैं। डिप्टी स्पीकर ने कहा कि भारत तिब्बत का गुरु है और हम उनके शिष्य हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया



