हिमाचल में कॉलेज छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में एफआईआर दर्ज

धर्मशाला, 02 जनवरी (हि.स.)। धर्मशाला में कॉलेज की एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। जानकारी के अनुसार छात्रा लंबे समय से कथित जातीय भेदभाव और एक प्रोफेसर द्वारा किए गए अभद्र व्यवहार व मानसिक उत्पीड़न का शिकार थी, जिसके कारण वह गहरे डिप्रेशन में चली गई और लुधियाना के एल निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसकी उस मौत की दास्तां खुद युवती ने उस समय बयां की जब उसकी हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी और वह अंतिम सांसें ले रही थी। तब पूछे जाने पर उसने अपने साथ हुए जातीय अपमान, उत्पीड़न और मानसिक यातनाओं की पूरी पीड़ा बयां की। उसी समय दिया गया उसका बयान वीडियो के रूप में सामने आया, जो अब वायरल हो रहा है और जिसने पूरे समाज को झकझोर दिया है।

जानकारी अनुसार इस गंभीर मामले की जानकारी छात्रा और उसके परिजनों द्वारा पुलिस को पहले ही दी थी, लेकिन हैरानी और चिंता की बात यह है कि लगभग महीने बीत जाने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी। बहरहाल, अब मृतक युवती के पिता की शिकायत पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। शिकायत में एक प्रोफेसर सहित चार लड़कियों के खिलाफ रैगिंग और यौन उत्पीड़न के आरोप में लगाए हैं।

यह मामला केवल एक छात्रा की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था, जातीय समानता, गुरु-शिष्य संबंध और न्याय प्रणाली पर लगा एक गहरा और शर्मनाक बन चुका है। अंतिम सांसों में दिया गया छात्रा का बयान अब भी इंसाफ की मांग कर रहा है।

उधर पुलिस को दी गई शिकायत में पिता ने बताया कि उनकी बेटी, डिग्री कॉलेज में द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। आरोप है कि 18 सितंबर को कॉलेज की छात्राएं हर्षिता, आकृति और कोमोलिका ने उनकी बेटी के साथ मारपीट की और उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दीं। इसी प्रकरण के बाद वह डिप्रेशन में चली गई और बाद में उसकी मौत ही गई। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में कॉलेज का एक शिक्षक भी शामिल रहा है।

वहीं एसपी कांगड़ा अशोक रत्न ने बताया कि मामले में पुलिस थाना धर्मशाला में बीएनएस और एन्टी रैगिंग एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों से भी पूछताछ की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया