शाहपुर में पहली बार उपमंडल स्तर पर सेना दिवस का भव्य आयोजन

धर्मशाला, 15 जनवरी (हि.स.)। शाहपुर में पहली बार उपमंडल स्तर पर वीरवार को 78वां सेना दिवस अत्यंत भव्यता और गरिमा के साथ मनाया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर उन्होंने तिरंगा फहराया तथा परेड की सलामी ली। परेड में शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न भागों से आए पूर्व सैनिकों, एनसीसी कैडेट्स तथा होमगार्ड्स बैंड ने भाग लेकर पूरे वातावरण को देशभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। एनसीसी कैडेट्स और पूर्व सैनिकों द्वारा प्रस्तुत भव्य मार्च-पास्ट कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा।

मुख्य अतिथि ने इस अवसर पर प्रदेश में उपमंडल स्तर पर बनने वाले पहले शहीद स्मारक का शिलान्यास किया, जो लगभग 40 लाख रुपये की लागत से निर्मित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि वीरभूमि भी है। प्रदेश की जनसंख्या कम होने के बावजूद भारतीय सेना में हिमाचल का योगदान अत्यंत गौरवपूर्ण रहा है। हिमाचल प्रदेश देश को अब तक 4 परमवीर चक्र दे चुका है और स्वतंत्रता के बाद से अब तक 1728 वीर सैनिकों ने देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर किए हैं।

केवल सिंह पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार वीर नारियों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चला रही है। सितंबर 2023 से शहीद एवं युद्ध में अपंग सैनिकों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में डेढ़ गुना वृद्धि की गई है। शहीद सैनिकों के परिवारों को मिलने वाली राशि 20 लाख से बढ़ाकर 30 लाख, अन्य कारणों से मृत्यु पर 5 लाख से 7.50 लाख तथा युद्ध में अपंग सैनिकों को मिलने वाली सहायता राशि भी बढ़ाई गई है।

इस अवसर पर ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए शाहपुर के वीर जवान पवन कुमार के पिता गरज सिंह को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि ने बताया कि इस शहीद स्मारक में सैनिक लीग की अनुशंसा पर शहीदों के नाम अंकित किए जाएंगे तथा शीघ्र ही शाहपुर में ईसीएचएस भवन का निर्माण भी करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश में पहली बार है कि किसी उपमंडल मुख्यालय पर सेना दिवस मनाया जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया