चकबंदी रैंकिंग में कानपुर को प्रदेश में मिला दूसरा स्थान
- Admin Admin
- Jan 03, 2026
कानपुर, 03 जनवरी (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद को चकबंदी कार्यों में प्रदेश स्तर पर चकबंदी रैंकिंग में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। यह जनपद के लिए गर्व के क्षण के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी हासिल हुई है।
जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने यह जानकारी शनिवार को देते हुए बताया कि चकबंदी आयुक्त कार्यालय, उत्तर प्रदेश की तरफ से वर्ष 2025 की चकबंदी रैंकिंग जारी की है। इसमें जनपद कानपुर नगर को प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। रैंकिंग के निर्धारण में ग्रामों की धारा 10, 23, 24 व 52 के तहत प्रगति का औसत प्रतिशत, वादों के निस्तारण का औसत प्रतिशत व शिकायतों के निस्तारण से संतुष्ट खातेदारों का प्रतिशत आधार बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रथम स्थान भदोही को मिला है। भदोही को 84.23 प्रतिशत, कानपुर नगर को 83.53 प्रतिशत, औरैया को 82.33 प्रतिशत, कानपुर देहात को 81.54 प्रतिशत तथा बांदा को 81.05 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद कानपुर नगर के कुल 42 ग्राम चकबंदी प्रक्रिया के तहत रहे। इनमें से दो ग्रामों में धारा 52 की कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है, जिससे इन ग्रामों में चकबंदी प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। शेष 40 ग्रामों में चकबंदी प्रक्रिया गतिमान है।
उन्होंने कहा कि चकबंदी प्रक्रिया के अंतर्गत कृषकों की पृथक-पृथक भूमियों को एकत्र कर उन्हें एक या दो अथवा तीन चक प्रदान किए जाते हैं। प्रत्येक चक को सिंचाई के लिए नालियां तथा आवागमन के लिए चकमार्ग उपलब्ध कराए जाते हैं। गांव में चौड़ा सेक्टर मार्ग सुनिश्चित किया जाता है। इसके साथ ही आबादी विस्तार, खेल मैदान, प्राथमिक पाठशाला, जल निकासी, पार्क, आंगनबाड़ी केंद्र सहित विभिन्न सार्वजनिक उपयोगों के लिए भूमि सुरक्षित की जाती है। यह भूमि कृषकों से कटौती के आधार पर प्राप्त की जाती है, जो सामान्यतः लगभग पांच प्रतिशत होती है। चकबंदी प्रक्रिया के दौरान खातेदारों के खातों का विभाजन, विरासत एवं बैनामों का दाखिल-खारिज जैसे कार्य गांव में ही किए जाते हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद कानपुर नगर में कुल 1113 राजस्व ग्राम हैं, जिनमें तहसील बिल्हौर में 411, तहसील सदर में 269, तहसील नरवल में 207 तथा तहसील घाटमपुर में 236 ग्राम शामिल हैं। इन 1113 ग्रामों में से 972 ग्रामों में चकबंदी की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है।
इस उपलब्धि पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि चकबंदी किसानों के हितों से सीधे जुड़ी प्रक्रिया है और इसका समयबद्ध व पारदर्शी क्रियान्वयन प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि निरंतर निगरानी और नियमित समीक्षा से कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित हुई है।
जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी सिविल सप्लाई आशुतोष कुमार दुबे व एसओसी मोहम्मद असलम सहित चकबंदी विभाग की टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कार्यों की गति बनाए रखने के निर्देश दिए।-------------
हिन्दुस्थान समाचार / मो0 महमूद



