आई-पैक छापेमारी पर कोलकाता पुलिस आयुक्त की प्रतिक्रिया, मनोज वर्मा बोले - मामला न्यायाधीन, जांच जारी

कोलकाता, 12 जनवरी (हि. स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आई-पैक (आईपैक) पर की गई छापेमारी और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट का रुख करने के मामले में कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। ईडी की कार्रवाई के चार दिन बाद सोमवार को उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे घटनाक्रम की जांच चल रही है और मामला अदालत में विचाराधीन है, इसलिए इस समय किसी तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है।

गौरतलब है कि पिछले गुरुवार को ईडी ने आई-पैक के संस्थापक प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास और कार्यालय पर छापेमारी की थी। इसके बाद बीते चार दिनों में घटनाक्रम ने कई मोड़ लिए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोपों के आधार पर पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज कीं, जबकि ईडी ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। ईडी की ओर से दायर याचिका में पुलिस आयुक्त का भी उल्लेख किया गया है। सोमवार दोपहर को लालबाजार में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा ने यह बयान दिया।

यह प्रेस कॉन्फ्रेंस सड़क सुरक्षा को लेकर आयोजित हाफ मैराथन की जर्सी लॉन्च के लिए बुलाई गई थी, जिसमें अभिनेता एवं तृणमूल कांग्रेस सांसद देव भी मौजूद थे। हालांकि पत्रकारों की सबसे ज्यादा दिलचस्पी ईडी की आई-पैक छापेमारी को लेकर पुलिस आयुक्त की प्रतिक्रिया जानने में रही।

पत्रकारों के सवालों के जवाब में मनोज वर्मा ने कहा कि इस मामले में दो केस दर्ज किए गए हैं और दोनों की जांच चल रही है। इसके अलावा इस समय कुछ भी कहना संभव नहीं है। संभव है कि किसी अन्य दिन इस विषय पर बात की जाए।

जब उनसे पूछा गया कि छापेमारी के दौरान ऐसी क्या स्थिति बनी कि डीसी (दक्षिण) को भी मौके पर जाना पड़ा, तो उन्होंने कोई विवरण देने से इनकार करते हुए कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है और इस स्तर पर जानकारी साझा करना उचित नहीं होगा।

ईडी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में पुलिस के संदर्भ में ‘चोरी’ या ‘डकैती’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर भी सवाल किए गए। इस पर पुलिस आयुक्त ने कहा कि मैंने अभी तक वह लिखा हुआ नहीं पढ़ा है। केवल सुनी-सुनाई बातों पर टिप्पणी करना सही नहीं होगा। मामला अदालत में है, इसलिए इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।

एफआईआर की जांच की स्थिति, नोटिस जारी किए जाने या पुलिस के पास उस दिन की किसी विशेष सूचना के बारे में पूछे गए सवालों पर भी उनका जवाब संक्षिप्त रहा। उन्होंने बार-बार दोहराया कि जांच जारी है और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।

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कोलकाता में कम हुई सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या

इस बीच, उसी पत्रकार वार्ता में कोलकाता पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर आंकड़े भी साझा किए। पुलिस आयुक्त ने बताया कि बीते वर्ष कोलकाता में सड़क दुर्घटनाओं में मौतों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। वर्ष 2025 में कुल 154 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हुई, जो पिछले वर्षों की तुलना में कम है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं की संख्या को और कम करने के लिए जागरूकता अभियान जारी रहेंगे। अभिनेता देव ने भी सड़क सुरक्षा के लिए कोलकाता पुलिस के प्रयासों की सराहना की।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर