एलजी और सीएम ने नांगलोई-नजफगढ़ सड़क सुदृढ़ीकरण और नालों के निर्माण से जुड़ी 64 करोड़ की परियोजना का किया शिलान्यास

नई दिल्ली, 13 जनवरी (हि.स.)।

दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को नांगलोई-नजफगढ़ सड़क सुदृढ़ीकरण और नालों के निर्माण से जुड़ी परियोजना का शिलान्यास किया।

इस अवसर पर उपराज्यपाल ने कहा कि नांगलोई और नजफगढ़ के लोगों के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनकी पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है। लंबे समय से चली आ रही यहां के लोगों की गंभीर समस्या के समाधान के लिए दिल्ली सरकार ने ठोस कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि 64 करोड़ रुपये की लागत से नांगलोई-नजफगढ़ सड़क के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ ड्रेनेज निर्माण कार्य की शुरुआत की जा रही है। इससे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। प्रदूषण, ट्रैफिक जाम और जलभराव की समस्याओं से भी राहत मिलेगी।

उपराज्यपाल ने बताया कि सितंबर 2024 में उन्होंने मुंडका, नांगलोई, कंझावला, फिरनी रोड और रोहतक रोड सहित कई क्षेत्रों का दौरा किया था। तब वहां की स्थिति बेहद जर्जर थी। सड़कों पर सीवर का पानी बह रहा था, सड़कें टूटी पड़ी थीं, गड्ढों और गंदगी के कारण हालात बेहद खराब थे। तब उन्होंने तत्काल कदम उठाने के लिए सरकार को निर्देश दिए थे, लेकिन पिछली सरकार की उपेक्षा के कारण काम आगे नहीं बढ़ सका। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने इस परियोजना को प्राथमिकता दी है।

उपराज्यपाल ने बताया कि यह परियोजना केवल सड़क सुदृढ़ीकरण तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें फुटपाथ, सेंट्रल वर्ज और ड्रेनेज का कार्य भी शामिल है। बेहतर सड़कों के निर्माण से न केवल ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि धूल और प्रदूषण में भी उल्लेखनीय गिरावट आएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि दिल्ली में शुरू हुई विकास की प्रक्रिया से आने वाले समय में स्थायी और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह परियोजना पश्चिमी दिल्ली के नागरिकों के लिए बड़ी सौगात है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में वर्षों तक इस सड़क और ड्रेनेज व्यवस्था की उपेक्षा की गई, लेकिन उनकी सरकार ने बीते 11 महीनों में दिल्ली की बुनियादी समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उसी संकल्प का परिणाम है कि इस क्षेत्र में स्थायी समाधान की शुरुआत हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार पूरे शहर की जलनिकासी प्रणाली और ड्रेनेज सिस्टम को नए और आधुनिक तरीके से सुधारने पर काम कर रही है। सरकार की ओर से कई बड़े ट्रंक ड्रेन परियोजनाएं शुरू की गई हैं। किराड़ी-मुंडका हॉल्ट सप्लीमेंट्री ड्रेन परियोजना के माध्यम से लगभग 1500 एकड़ क्षेत्र में जलभराव की समस्या का समाधान होगा। इसी तरह, एम. बी. रोड स्टॉर्म ड्रेन परियोजना दक्षिण दिल्ली में जलभराव की समस्या से निजात दिलाएगी। इसके अलावा, किराड़ी-रिठाला ट्रंक ड्रेन परियोजना से भी उत्तर पश्चिम दिल्ली के लोगों को राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा नालों की नियमित सफाई, नई ट्रंक ड्रेनों का निर्माण और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एटीपी) परियोजनाओं को समानांतर रूप से लागू किया जा रहा है ताकि भविष्य में यमुना में केवल साफ जल प्रवाहित हो और राजधानी को जलभराव की समस्या से स्थायी रूप से मुक्त किया जा सके।

इस अवसर पर सांसद योगेंद्र चांदोलिया और कमलजीत सहरावत, दिल्ली के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, डॉ. पंकज सिंह, विधायक नीलम कृष्ण पहलवान, गजेंद्र द्राल और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इस अवसर पर पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि इस इलाके की कई सड़कें पिछले कई वर्षों से अत्यंत जर्जर अवस्था में थीं। वर्तमान सरकार ने इन सड़कों के पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी ली, निविदा प्रक्रिया को पूरा किया और अब निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि ये सड़कें अत्यधिक यातायात वाली हैं, जहां प्रतिदिन लाखों वाहन गुजरते हैं, जिससे भारी धूल और यात्रियों को असुविधा होती थी। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि इन सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य शीघ्रतम समय में पूरा किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक सड़क पर पांच वर्षों की गारंटी सुनिश्चित की गई है। यदि किसी भी सड़क की गुणवत्ता पांच वर्षों के भीतर पुनः खराब होती है, तो संबंधित ठेकेदार को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

कार्यक्रम में दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इस परियोजना के शिलान्यास के साथ आज हम दिल्ली के विकास के महत्वपूर्ण अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। पिछले 11 वर्षों से यहां की सड़कें, नाले और पूरी व्यवस्था बदहाल है। हालत इतनी खराब थी कि न सड़क पर पैदल चला जाता था, न गाड़ियां ही चल पाती थीं और बरसात के दिनों में हालात और बिगड़ जाते थे। आज दिल्ली सरकार ने इस समस्या का स्थायी समाधान दे दिया है।

सड़क सुदृढ़ीकरण और आधुनिक ड्रेनेज परियोजना

इस परियोजना के तहत नांगलोई-नजफगढ़ रोड पर ड्रेनेज सुधार और सड़क की मरम्मत का काम किया जा रहा है। परियोजना की कुल लागत 64.04 करोड़ रुपये है। इसके अंतर्गत नए स्टॉर्म वॉटर ड्रेन बनाए जा रहे हैं, पुराने ड्रेनों को सुधारा जा रहा है। इसके तहत रणहौला, नजफगढ़ (साहिबी नदी) और मुंगेशपुर ड्रेन से सही आउटफॉल कनेक्शन भी सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही, सड़क को मजबूत और नया बनाया जा रहा है और सेंट्रल वर्ज में आरसीसी क्रैश बैरियर का निर्माण किया जा रहा है, ताकि बारिश के मौसम में भी सुरक्षित और प्रभावी जल-निकासी हो सके। यह परियोजना लोक निर्माण विभाग की तीन डिवीजनों- डब्लूआर-1, डब्लूआर-2 और एसडब्लूआर-2- द्वारा मिलकर लागू की जा रही है। साथ ही एमसीडी, डीडीए, आई एंड एफसी, डीजेबी, बीएसईएस, आईजीएल और ट्रैफिक पुलिस जैसे विभिन्न विभागों के सहयोग से परियोजना को लंबे समय तक प्रभावी बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव