दिल्ली के इस्त्री व्यवसायियों को सशक्त बनाने के लिए एलपीजी इस्त्री बॉक्स का हुआ वितरण

कार्यक्रम का जारी फोटो

-पिछले एक वर्ष में 1,300 से अधिक कोयला इस्त्री उपयोगकर्ताओं ने अपनाई एलपीजी

नई दिल्‍ली, 16 जनवरी (हि.स)। उद्यम व्यापार ने शुक्रवार को राष्‍ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में एक सामुदायिक चर्चा एवं एलपीजी इस्त्री बॉक्स वितरण कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में सरोजिनी नगर, वल्लभगढ़, मॉडल टाउन, नोएडा और फरीदाबाद से सैकड़ों की संख्‍या में आए इस्त्री व्यापारियों एवं आयरनिंग वेंडर समुदाय के सदस्यों ने भाग लिया।

उद्यम व्यापार ने बताया कि यह कार्यक्रम स्वच्छ, सुरक्षित और अधिक दक्ष आजीविका की ओर उनके परिवर्तन का उत्सव मनाने के लिए आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान इस्त्री व्यापारियों को अपने अनुभव साझा करने, चुनौतियों पर चर्चा करने तथा पारंपरिक कोयला आधारित इस्त्री से एलपीजी चालित इस्त्री बॉक्स की ओर रुख करने के लाभों के बारे में जानने का अवसर मिला। एलपीजी इस्त्री बॉक्स व्यावसायिक उपयोग के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और दैनिक कार्यों के लिए उपयुक्त हैं।

कार्यक्रम में उन इस्त्री व्यवसायियों की सक्रिय भागीदारी देखी गई, जो पहले ही एलपीजी अपना चुके हैं, साथ ही उन लोगों ने भी हिस्सा लिया जो इस परिवर्तन पर विचार कर रहे हैं। उद्यम व्यापार की सतत आजीविका समाधान को बढ़ावा देने की पहल के तहत पात्र व्यवसायियों को एलपीजी इस्त्री बॉक्स वितरित किए गए। इस आयोजन ने यह रेखांकित किया कि सामूहिक प्रगति, सहकर्मी सीख और समुदाय-आधारित प्रयास दिल्ली के इस्त्री व्यवसाय पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

द इस्त्री प्रोजेक्ट

द इस्त्री प्रोजेक्ट, उद्यम व्यापार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक इस्त्री उद्योग का रूपांतरण करना है। इसके तहत सड़क किनारे कार्य करने वाले इस्त्री व्यवसायियों को रियायती दरों पर एलपीजी इस्त्री बॉक्स उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे वे कोयला-आधारित इस्त्री से एलपीजी-चालित इस्त्री की ओर संक्रमण कर सकें। इस परिवर्तन से ईंधन लागत में लगभग 50% तक की बचत होती है, प्रतिदिन लगभग दो घंटे का समय बचता है और सेवा की गुणवत्ता में सुधार होता है। आर्थिक लाभों के साथ-साथ, यह पहल स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालती है, क्योंकि हानिकारक धुएँ के संपर्क में कमी आती है, और पर्यावरणीय स्थिरता में भी योगदान देती है।

दिल्ली में इसका प्रभाव

पिछले एक वर्ष में ही द इस्त्री प्रोजेक्ट ने दिल्ली में 1,300 से अधिक इस्त्री व्यवसायियों को कोयला इस्त्री से एलपीजी-चालित इस्त्री की ओर स्थानांतरित होने में सहायता की है। इससे उनकी दैनिक उत्पादकता में वृद्धि हुई है, आय में इज़ाफा हुआ है और कार्यस्थल की स्वच्छता में सुधार आया है। कई व्यवसायियों का कहना है कि अब इस्त्री का काम तेज़ी से होता है, ईंधन पर खर्च कम होता है और ग्राहकों की संतुष्टि बढ़ी है। सामुदायिक चर्चा कार्यक्रम में यह भी सामने आया कि ये परिवर्तन न केवल व्यक्तिगत आय में सुधार ला रहे हैं, बल्कि दिल्ली के इस्त्री व्यवसायी समुदाय के सामूहिक आत्मविश्वास और आकांक्षाओं को भी मज़बूत कर रहे हैं।

देशभर में 100 करोड़ रुपये की आय वृद्धि

देशभर में, द इस्त्री प्रोजेक्ट ने सितंबर 2025 तक इस्त्री व्यवसायियों के लिए कुल 100 करोड़ रुपए की आय वृद्धि सुनिश्चित की है। पिछले चार वर्षों में यह पहल एक शहर से बढ़कर पाँच शहरों तक पहुँच चुकी है और 8,000 से अधिक इस्त्री व्यवसायियों को एलपीजी इस्त्री बॉक्स अपनाने में सहयोग प्रदान कर चुकी है।

औसतन इस कार्यक्रम में शामिल व्यवसायियों की आय में 25 फीसदी की वृद्धि हुई है, साथ ही इससे प्रतिवर्ष 6,000 टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आई है। ये उपलब्धि दर्शाती है कि लक्षित और आजीविका-केंद्रित हस्तक्षेप बड़े पैमाने पर आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभाव उत्पन्न कर सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर