(अपडेट) ‘वॉटर मास्टर’ का जलावतरण, यमुना को निर्मल बनाने की सशक्त शुरूआतः प्रवेश साहिब सिंह

नजफगढ़ ड्रेन  में शुक्रवार को ‘वॉटर मास्टर’ मशीन का जलावतरण करते दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंहनजफगढ़ ड्रेन  में शुक्रवार को ‘वॉटर मास्टर’ मशीन का जलावतरण करते दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह

नई दिल्ली, 16 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने शुक्रवार को नई ‘वॉटर मास्टर’ मशीन के जलावतरण एवं नजफगढ़ ड्रेन में ड्रेजिंग कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह यमुना को स्वच्छ बनाने की सशक्त शुरुआत है।

प्रवेश साहिब सिंह की तरफ से जारी की गई जानकारी के मुताबिक यमुना नदी की सफाई और दिल्ली की बाढ़ प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने आज नजफगढ़ ड्रेन में अत्याधुनिक एम्फीबियन मल्टीपरपज़ ड्रेजर “वॉटरमास्टर” और उसके साथ तीन हॉपर बार्ज को शुरू किया गया। नजफगढ़ ड्रेन यमुना में जाने वाले कुल प्रदूषण का लगभग 70 प्रतिशत योगदान देता है।

उन्होंने कहा कि फिनलैंड से आयातित यह एम्फीबियन मल्टीपरपज ड्रेजर बहुउपयोगी मशीन है, जो सूखी जमीन से लेकर 6 मीटर गहराई तक पानी में प्रभावी ढंग से कार्य कर सकती है। यह ड्रेजिंग, रेकिंग, पाइलिंग, गाद (स्लज) हटाने और जलीय खरपतवार व हायसिंथ की सफाई जैसे कई कार्यों के लिए उपयुक्त है। यह नजफगढ़ ड्रेन जैसे जटिल और संकरे जल निकायों के लिए बेहद कारगर साबित होती है।

इस मशीन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी एम्फीबियन मोबिलिटी है, जिससे यह जमीन और पानी के बीच बिना किसी बाधा के आवाजाही कर सकती है। इसमें चार स्टेबलाइजर, 180 डिग्री तक घूमने वाला लचीला एक्सकेवेटर आर्म और 600 लीटर क्षमता की बैकहो बकेट लगी है। यह ड्रेजर कैटरपिलर एयर-वॉटर रेडिएटर कूल्ड इंजन से संचालित है और इसमें जीपीएस आधारित ट्रैकिंग सिस्टम तथा फ्यूल सेंसर भी लगाया गया है, जिससे कार्य में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित होती है।

मंत्री ने बताया कि ड्रेजर की स्लज पंपिंग क्षमता 600 क्यूबिक मीटर प्रति घंटा है तथा यह गाद को 1.5 किलोमीटर तक दूर निकाल सकता है। इस अत्याधुनिक एम्फीबियन ड्रेजर की कुल लागत 803.78 लाख रुपये है। ड्रेजिंग कार्यों को और प्रभावी बनाने के लिए तीन स्व-चालित और स्व-निर्वहन हॉपर बार्ज भी तैनात किए गए हैं। प्रत्येक बार्ज की लागत 1.75 करोड़ रुपये है, यानी कुल 5.25 करोड़ रुपये। ये बार्ज बैकहो ड्रेजिंग, हायसिंथ व तैरते कचरे को हटाने तथा ड्रेज यूटिलिटी क्राफ्ट (डयूसी) की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद करेंगे। प्रत्येक बार्ज की क्षमता 12 क्यूबिक मीटर है और इन्हें तेज व कुशल मटीरियल हैंडलिंग के लिए डिजाइन किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव