अधिवक्ताओं ने किया न्यायिक कार्यों का बहिष्कार, नहीं हुई सुनवाई

जोधपुर, 05 जनवरी (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट में महीने के दो शनिवार को कार्य दिवस घोषित करने व नाइट कोर्ट के निर्णय के खिलाफ अधिवक्ताओं ने सोमवार को प्रदर्शन किया। राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन और हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों की अगुवाई में वकीलों ने डोम एरिया में सोमवार को एकत्र होकर नारेबाजी की। हाईकोर्ट प्रशासन के फैसले का विरोध दर्ज कराया। वहीं हेरिटेज हाईकोर्ट में भी प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही उन्होंने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया जिससे अदालती कामकाज प्रभावित हुआ।

राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर सहित सभी अधीनस्थ न्यायालयों के न्यायिक कार्यों में अधिवक्ता आज उपस्थित नहीं हुए। इससे अदालती कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा और न्यायिक सुनवाई नहीं हो पाईं। अधिवक्ताओं ने महीने के दो शनिवार को कार्यदिवस घोषित करने और रात्रिकालीन न्यायालयों के संचालन के निर्णय का विरोध किया।

राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत जोशी, हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष आनंद पुरोहित और नव निर्वाचित अध्यक्ष दिलीपसिंह उदावत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में वकीलों ने प्रदर्शन किया। वकीलों ने हाईकोर्ट प्रशासन से मांग की द्दस् कि महीने के दो शनिवार को कार्यदिवस घोषित करने का फैसला वापस लिया जाए, क्योंकि इससे वकीलों की व्यक्तिगत और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर असर पड़ता है। शनिवार-रविवार की साप्ताहिक छुट्टी की परंपरा टूटती है।

लॉयर्स एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष उदावत ने बताया द्घस्र मंगलवार को प्रतिनिधिमंडल जयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात कर कर मांगों को रखेंगे। बातचीत से इस मुद्दे का समाधान निकलने की उम्मीद है। इसके बाद तय होगा कि आंदोलन जारी रहेगा या नहीं।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश