विधानसभा जनसमस्याओं के समाधान का सशक्त मंच, लापरवाही बर्दाश्त नहीं : देवनानी

जयपुर, 2 जनवरी (हि.स.)। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि राज्य विधानसभा प्रदेश की आठ करोड़ जनता की समस्याओं के समाधान का सशक्त और प्रभावी मंच है। इसमें जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों के माध्यम से उठाए जाने वाले मुद्दों का समयबद्ध और तथ्यात्मक समाधान सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि विधायकों के प्रश्नों के उत्तर देने के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि राजस्थान विधानसभा जीरो पेंडेंसी के लक्ष्य के साथ देश की आदर्श विधानसभा बन सके।

देवनानी ने यह निर्देश शुक्रवार को विधानसभा में लंबित प्रश्नों, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों, विशेष उल्लेख प्रस्तावों, आश्वासनों और याचिकाओं को लेकर राज्य सरकार के मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में दिए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से सीधे संवाद कर यह भी जाना कि प्रश्नों के उत्तर समय पर क्यों नहीं भेजे जा रहे हैं।

विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी बजट सत्र को ध्यान में रखते हुए 15 जनवरी तक सभी लंबित प्रश्नों, ध्यानाकर्षण और विशेष उल्लेख प्रस्तावों के उत्तर अनिवार्य रूप से निर्धारित समय सीमा में भेजे जाएं।

उन्होंने कहा कि हाल के समय में उत्तर भेजने की स्थिति में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन इसे और तेज करने की आवश्यकता है।

देवनानी ने बताया कि 16वीं विधानसभा के चौथे सत्र की समाप्ति के बाद भी करीब 35 प्रतिशत प्रश्न लंबित हैं, जिनकी संख्या लगभग 2031 है। विधानसभा द्वारा सभी प्रकार के प्रश्नों के उत्तर देने की स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित है। इसके बावजूद कुछ विभागों द्वारा समय पर उत्तर नहीं भेजना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने दो टूक कहा कि अब किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में गलत उत्तर दिए जाने के मामलों को भी गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न होने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सदन में मंत्रियों द्वारा दिए जाने वाले आश्वासनों को क्रियान्वित करने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों के सचिवों की है, जिसमें किसी प्रकार की कोताही स्वीकार्य नहीं होगी।

देवनानी ने कहा कि आम जनता की अपेक्षाओं को पूरा करना केवल विधायिका ही नहीं, बल्कि कार्यपालिका की भी जिम्मेदारी है। विशेष रूप से राज्य सरकार के सचिवों को जन अपेक्षाओं की क्रियान्विति के दायित्व को समझते हुए विधानसभा और सरकार के साथ टीम भावना से कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रश्नकाल और चर्चा के दौरान वे पूरे समय विधानसभा की अधिकारी दीर्घा में उपस्थित रहें।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अधिकारी अपने विभागीय मंत्रियों और अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर विधानसभा से जुड़े मामलों की निरंतर मॉनिटरिंग करें, ताकि लंबित प्रश्नों को लेकर भविष्य में ऐसी बैठक बुलाने की आवश्यकता ही न पड़े।

देवनानी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि विधानसभा से संबंधित लंबित प्रश्नों के निस्तारण के लिए कैंप लगाकर युद्धस्तर पर कार्यवाही की जाए। यदि किसी प्रकार की व्यावहारिक कठिनाई या समस्या हो, तो उसे खुलकर सामने लाएं और समाधान के सुझाव भी दें, ताकि समय पर निस्तारण सुनिश्चित हो सके।

बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने विधानसभा अध्यक्ष को आश्वासन दिया कि उनके निर्देशानुसार सभी विभाग शिविर लगाकर लंबित प्रश्नों का समयबद्ध निस्तारण करेंगे और भविष्य में भी विधानसभा के सभी निर्देशों का गंभीरता से पालन किया जाएगा। बैठक में 15वीं और 16वीं राजस्थान विधानसभा के लंबित प्रकरणों की विभागवार स्थिति का प्रस्तुतीकरण किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव, राजस्थान विधानसभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित