सिरसा: साहित्यकार कौशिक दंपति को मिला भारत-श्रीलंका हिंदी गौरव सम्मान
- Admin Admin
- Jan 16, 2026
सिरसा, 16 जनवरी (हि.स.)। सिरसा के साहित्यकार दंपति को स्वामी विवेकानंद संस्कृतिक केंद्र कोलंबो (श्रीलंका) में आयोजित लेखक मिलन समारोह में भारत-श्रीलंका हिंदी गौरव सम्मान से नवाजा गया। यह कार्यक्रम भारतीय उच्चायुक्त कोलंबो तथा पूर्वात्तर हिंदी अकादमी शिलांग द्वारा आयोजित किया गया था। साहित्यकार डॉ. शील कौशिक एवं डॉ. मेजर शक्तिराज हिंदी साहित्य लेखन तथा हिंदी के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। डॉ. शील कौशिक व डॉ. मेजर शक्तिराज ने शुक्रवार को बताया कि श्रीलंका में आयोजित इस कार्यक्रम में देश के 18 राज्यों से कई विद्वानों ने सहभागिता की। इस अवसर पर डा. शील कौशिक ने हिंदी: वैश्विक संवाद की भाषा विषय पर आलेख प्रस्तुत किया और डा. मेजर शक्तिराज ने ओजस्वी काव्य-पाठ किया।
उल्लेखनीय है कि डा. शील कौशिक की लघुकथा, कहानी, आलोचना, बाल साहित्य, यात्रा वृत्तांत, लघु कविता, कविता, दोहा आदि में 66 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। हरियाणा साहित्य अकादमी से हिंदी साहित्य रत्न तथा श्रेष्ठ महिला रचनाकार सम्मान सहित वे 17 राज्यों की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्थाओं तथा चार विदेशों की प्रतिष्ठित संस्थाओं से सम्मानित हो चुकी हैं।
डा. मेजर शक्तिराज ने हिंदी, पंजाबी व अंग्रेजी में कविता, आलेख, दोहा, गजल, बाल साहित्य, लघुकथा, हायकु-तांका आदि विधाओं में 23 पुस्तकों का सृजन किया है। हरियाणा ग्रंथ अकादमी पंचकूला तथा देश के 11 राज्यों की साहित्यिक संस्थाओं द्वारा वे सम्मानित हो चुके हैं। इनके लेखन पर दो एमफिल तथा एक पी एचडी संपन्न हो चुकी है। सिरसा के इस साहित्यकार दंपति को नेपाल भूटान एमॉरीशस व श्रीलंका से भी विभिन्न सम्मानों से अलंकृत किया जा चुका है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma



