एमसीडी नेता सदन प्रवेश वाही ने भलस्वा लैंडफिल साइट का किया निरीक्षण
- Admin Admin
- Jan 12, 2026
नई दिल्ली, 12 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में नेता सदन प्रवेश वाही ने सोमवार को भलस्वा लैंडफिल साइट का निरीक्षण कर वहां चल रहे बायो-माइनिंग कार्य का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान प्रवेश वाही ने भलस्वा लैंडफिल साइट पर चल रहे बायो-माइनिंग कार्य की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बायो-माइनिंग कार्य की प्रगति की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए हर महीने ड्रोन सर्वे रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, ताकि कार्य की प्रगति की मासिक समीक्षा की जा सके और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सके।
प्रवेश वाही ने बताया कि भलस्वा लैंडफिल साइट पर बायो-माइनिंग का कार्य तेज गति से संचालित हो रहा है। साइट पर सभी मशीनें सुचारू रूप से कार्य कर रही हैं तथा धूल और दुर्गंध को नियंत्रित करने के लिए नियमित रूप से जगह-जगह छिड़काव भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भलस्वा लैंडफिल साइट पर बायो-माइनिंग की दैनिक क्षमता को लगातार बढ़ाया गया है, जो अब 15,000 टन प्रतिदिन (टीपीडी) तक पहुंच चुकी है। इससे कूड़े के पहाड़ को समाप्त करने की प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी आई है। बायो-माइनिंग के परिणामस्वरूप मात्र तीन माह में करीब 4.5 एकड़ अतिरिक्त भूमि भी भलस्वा लैंडफिल साइट पर खाली कराई जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम भलस्वा लैंडफिल साइट को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रवेश वाही ने बताया कि दिल्ली के सभी लीगेसी लैंडफिल स्थलों पर बायो-माइनिंग का कार्य अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है। भलस्वा, ओखला और गाजीपुर जैसे प्रमुख लैंडफिल स्थलों पर अब तक 39 लाख मीट्रिक टन से अधिक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बायो-माइनिंग की कुल दैनिक क्षमता को लगातार बढ़ाया गया है, जो अब 30,000 टन प्रतिदिन (टीपीडी) तक पहुंच गई है। इससे वर्षों पुराने कूड़े के पहाड़ों को समाप्त करने की प्रक्रिया और अधिक तेज हुई है।
वाही ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि बायो-माइनिंग कार्य के साथ-साथ पर्यावरणीय मानकों का सख़्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। धूल, दुर्गंध और लीचेट प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही, उन्होंने कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों, मशीनों के रख-रखाव और श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।
नेता सदन ने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली नगर निगम की सतत और प्रभावी पहल से राजधानी को कूड़े के पहाड़ों से मुक्त करने का लक्ष्य शीघ्र ही प्राप्त किया जाएगा और दिल्लीवासियों को स्वच्छ एवं बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।
इस अवसर पर मुख्य अभियंता केके शर्मा, क्षेत्रीय उपायुक्त केसी सुरेंद्र तथा एमसीडी के अन्य उच्चाधिकारी भी उपस्थित थे।
---------------------
हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी



