मथुरादास माथुर अस्पताल में मिलेगी टेस्ट ट्यूब बेबी की सुविधा

जोधपुर, 18 जनवरी (हि.स.)। मथुरादास माथुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में टेस्ट ट्यूब बेबी (आईवीएफ) सुविधा शुरू होने की उम्मीद जगी है। इसके लिए हॉस्पिटल प्रशासन की ओर से प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा गया है। अब निसंतान दंपतियों के चेहरे पर खुशी देखने को मिलेगी। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है और इलाज शुरू होता है तो निसंतान दंपतियों को प्राइवेट हॉस्पिटलों में लाखों रुपए खर्च नहीं करने पड़ेंगे। टेस्ट ट्यूब बेबी की सुविधा के लिए सरकारी अस्पतालों में नाममात्र के पैसे देने होंगे। इससे गरीब-अमीर सभी दंपतियों को सस्ता और विश्वसनीय ट्रीटमेंट मिलेगा।

एमडीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित ने बताया कि परिवार हमारी संस्कृति और समाज की सबसे मजबूत कड़ी है। स्वास्थ्य व्यवस्था इसमें अपनी अहम जिम्मेदारी निभाती है। जोधपुर जैसे शहर में नि:संतानता की समस्या से कई लोग परेशान है। प्राइवेट जगहों में ऊंचे दामों के कारण हजारों दंपती इलाज से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में टेस्ट ट्यूब बेबी(आईवीएफ) के लिए आधुनिक उपकरण, लैब और विशेषज्ञ डॉक्टरों की व्यवस्था का पूरा प्रोजेक्ट राज्य सरकार को भेज दिया गया है।

यहां आईवीएफ शुरू होने से न केवल खर्च कम होगा, बल्कि ऐसे लोगों को राहत भी मिलेगी। बता दें, कि जिले में सैकड़ों दंपती नि:संतानता से जूझते रहे हैं। ग्रामीण इलाकों से आने वाले गरीब परिवार प्राइवेट हॉस्पिटलों के महंगे पैकेज अफोर्ड नहीं कर पाते। ऐसे में अब इन मरीजों में भी उम्मीद की किरण जागी है। हालांकि, रूष्ठरू हॉस्पिटल पहले ही कैंसर, हृदय रोग और अन्य विशेष सुविधाओं के लिए जाना जाता है। आईवीएफ सुविधा शुरू होने से यह जोधपुर का सबसे बड़ा फर्टिलिटी सेंटर बन सकता है।

क्या है टेस्ट ट्यूब बेबी :

इसे इन विट्रो फर्टिलाइजेशन कहा जाता है। जिसमें टेस्ट ट्यूब में शुक्राणु और अंडे को मिलाकर भ्रूण तैयार किया जाता है, जो बाद में गर्भाशय में प्रत्यारोपित होता है। भारत में सफलता दर 40-50 फीसदी है, लेकिन सरकारी सेटअप में यह और बेहतर हो सकती है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश