विश्व शांति का संदेश लेकर जशपुर पहुँची विश्व पदयात्री टीम, कलेक्टर से की सौजन्य भेंट
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- Jan 09, 2026
जशपुर, 9 जनवरी (हि.स.)। विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का संदेश फैलाने के लिए देश-विदेश में पदयात्रा कर चुकी विश्व शांति विश्व पदयात्री टीम के चार सदस्य इन दिनों जशपुर में हैं। टीम के सदस्य अवध बिहारी लाल, जितेन्द्र प्रताप, महेन्द्र प्रताप और गोविन्दानन्द ने शुक्रवार काे कलेक्टर रोहित व्यास से कलेक्ट्रेट कार्यालय में सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर पदयात्री दल ने राष्ट्रध्वज के साथ फोटो खिंचवाते हुए अपनी अब तक की उपलब्धियों और उद्देश्यों से कलेक्टर को अवगत कराया।
टीम जशपुर जिले में 8 जनवरी से 13 जनवरी 2026 तक प्रवास पर रहेगी और इस दौरान जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कलेक्टर रोहित व्यास ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं और जशपुर जिले में उनके कार्यक्रमों को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
दल के सदस्यों ने बताया कि वे भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए “डेन्जर्स रेलवेंचर्स स्पोर्ट्स लॉन्गेस्ट वर्ल्ड टूर ऑन फुट जर्नी” अभियान के अंतर्गत देश-विदेश में पदयात्रा कर रहे हैं। लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर यह टीम अब तक 11 देशों में लगभग चार लाख 52 हजार किलोमीटर की पदयात्रा कर चुकी है और देश के विभिन्न जनपदों में जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर चुकी है।
वर्ष 2018 में टीम ने दुनिया की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट बेस कैंप की यात्रा भी सफलतापूर्वक पूरी की। उनके प्रयासों से अब तक देशभर में लगभग 14 करोड़ 50 लाख पौधों का रोपण कराया जा चुका है। टीम स्कूलों, कॉलेजों, ग्रामों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुँचकर पर्यावरण संरक्षण, जल-वन संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा, स्वच्छ भारत, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और मतदाता जागरूकता जैसे विषयों पर संगोष्ठी और व्याख्यान के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रही है।
दल के प्रमुख जितेन्द्र प्रताप ने बताया कि विश्व शांति पदयात्रा की शुरुआत 30 जुलाई 1980 को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद से हुई थी। एक भयावह बाढ़ के दौरान उनके साथी अवध बिहारी लाल कई घंटों तक बरगद के वृक्ष से लटके रहकर जीवन और मृत्यु से जूझे, जिन्हें सेना और रेस्क्यू टीम ने बचाया। इसी घटना के बाद उन्होंने पर्यावरण, जल, वन संरक्षण और जन जागरूकता को जीवन का लक्ष्य बनाकर यह ऐतिहासिक यात्रा शुरू की। इस अभियान के दौरान उनके एक साथी ने शहादत भी दी।
टीम ने बताया कि अब तक उनकी पहल के तहत देश के लगभग 600 जनपदों की यात्रा और छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में पदयात्रा पूरी हो चुकी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह



