कोलकाता में पकड़ा गया सिंथेटिक ड्रग एमडी की फैक्ट्रियों का मुख्य सूत्रधार

जोधपुर, 16 जनवरी (हि.स.)। देशभर में फैले सिंथेटिक ड्रग एमडी की फैक्ट्रियों के मुख्य सूत्रधार और राजस्थान पुलिस के रिकॉर्ड में टॉप-10 बदमाशों में शामिल आरोपी को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने कोलकाता से पकडऩे में सफलता हासिल की है। उसकी तलाश में एएनटीएफ ने ऑपरेशन विष्णुबाहु चलाया। आरोपी पर एक लाख रुपए का इनाम है।

प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि उसने महज 31 साल की उम्र में पांच राज्यों में नशे के कारोबार का नेटवर्क तैयार कर लिया था। राजस्थान में पकड़ी गई एमडी ड्रग की फैक्ट्रियों का मुख्य सूत्रधार वही है। पुलिस को लंबे समझ से उसकी तलाश थी और वह पुलिस से बचने के लिए कोलकाता में छुपा हुआ था। उसने पिछले दिनों 12 ज्योतिर्लिंग और चार धाम की यात्रा भी की है। आईजी (एएनटीएफ) विकास कुमार ने शुक्रवार को इस मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एएनटीएफ और एटीएस की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए प्रदेश के टॉप-10 बदमाशों में शामिल रमेश कुमार उर्फ अनिल उर्फ रामलाल को गिरफ्तार किया गया है। वह मूलत: धोरीमन्ना (बाड़मेर) का रहने वाला है। अभी कोलकाता के न्यू टाउन से पकड़ा गया है। उस पर 1 लाख रुपए का इनाम है। उन्होंने बताया कि आरोपी पर 31 साल की उम्र में तीन दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। उसने राजस्थान के साथ ही गुजरात, तेलंगाना, महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी नशे के कारोबार का नेटवर्क बना रखा है। उस पर मणिपुर और असम में भी मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है।

उन्होंने बताया कि आरोपी 8 साल से फरार चल रहा था। हाल ही में राजस्थान के जोधपुर, बाड़मेर, सिरोही में पकड़ी गई एमडी ड्रग फैक्ट्रियों का मुख्य सूत्रधार रमेश ही है। इसके अलावा नशे की कई अन्य फैक्ट्रियों में भी आरोपी का हाथ होने की जानकारी है। वह महाराष्ट्र से एमडी बनाने का नया और सस्ता फार्मूला सीखकर आया था। जिसमें 5-7 दिन में एमडी की खेप तैयार होती है। नए फॉर्मूले से एमडी बनाने की लागत एक लाख रुपए प्रति किलो होती है। जिसे बाजार में 30 लाख रुपए प्रति किलो के हिसाब से बेचा जाता है। उसने इस कारोबार से करोड़ों रुपए कमाने और काफी संपत्ति इकठ्ठा कर ली।

पड़ताल में सामने आया है कि महाराष्ट्र की जेल में डॉ। बिरजू के संपर्क में आने के बाद रमेश ने एमडी कारोबार के रास्ते पर चलने लगा। पहले महाराष्ट्र से एमडी बनाकर राजस्थान में सप्लाई का काम किया। इसके बाद वह एमडी की फैक्ट्री लगाने लगा। इसके लिए उसने 2-3 लोगों को अपना पार्टनर बनाया और उनकी जगहों पर फैक्ट्रियां लगाई। जहां वह महाराष्ट्र से एक्सपर्ट बुलाता और मुंबई-पुणे और गुजरात से केमिकल मंगवाता। तैयार माल को गुजरात और महाराष्ट्र भेजता। वहां से फुटकर में सप्लाई करवाता था। पड़ताल में सामने आया कि वह पुलिस से बचने के लिए अपने सहयोगियों को भी अपना नाम नहीं बताता था। वह कहीं रमेश, कहीं अनिल और कहीं रामलाल बनकर अपना कारोबार करता था। उसके खिलाफ वाहन चोरी, अवैध रूप से शराब की तस्करी, मारपीट, लूट और फिरौती के मुकदमे भी दर्ज है।

उसके कोलकाता में होने की जानकारी मिलने पर एएनटीएफ की टीम ने जाल बिछाया। इस दौरान पता चला की वह गंगासागर की यात्रा पर जाने वाला है। इस पर एएनटीएफ ने यात्रा करवाने वाले ऑपरेटर से पूछताछ की तो आरोपी के बारे में सटीक जानकारी मिली। वह पिछले दिनों ही जगन्नाथपुरी भी जाकर आया है। वहीं, पुलिस से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदलकर धार्मिक यात्राएं भी करता था। उसने 12 ज्योतिर्लिंग और चारधाम की यात्रा भी की है। अब उससे गहनता से पूछताछ की जा रही है। जिसमें एमडी ड्रग सप्लाई के नेटवर्क की कई अहम जानकारी हाथ लगने की संभावना है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश