जम्मू में कस्टोडियन भूमि घोटाले में ACB की बड़ी कार्रवाई दो और FIR दर्ज

जम्मू, 8 जुलाई: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जम्मू में कस्टोडियन (सरकारी संरक्षित) भूमि के कथित फर्जी हस्तांतरण मामले में दो और एफआईआर दर्ज की हैं। जांच में राजस्व अधिकारियों, लाभार्थियों और बिचौलियों की मिलीभगत से सरकारी जमीन को अवैध रूप से हड़पने का नया मामला सामने आया है।

एसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि नए मामले जम्मू जिले के भलवाल और अंब क्षेत्रों में कस्टोडियन भूमि के अवैध हस्तांतरण से जुड़े हैं।जांच में पाया गया कि राजस्व अधिकारियों, फॉर्म अलफ धारकों और भूमि माफिया ने आपसी साठगांठ से फर्जी दस्तावेज और जाली आवंटन आदेश तैयार कर अयोग्य लोगों के नाम सरकारी जमीन की अवैध म्यूटेशन करवा दी।

एसीबी के अनुसार, पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) से विस्थापित कई परिवारों को पहले ही पुनर्वास योजना के तहत जमीन आवंटित की जा चुकी थी। इसके बावजूद उनके कुछ रिश्तेदारों ने बिना किसी वैध सरकारी या प्रोविजनल रिहैबिलिटेशन ऑफिस (PRO) के आदेश के अथवा जाली दस्तावेजों के आधार पर अतिरिक्त जमीन अपने नाम करवा ली।बाद में इस जमीन को लाभार्थियों और उनके सहयोगियों के माध्यम से निजी खरीदारों को बेच दिया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचइस मामले में करीब 12 कनाल 3 मरला कस्टोडियन भूमि के फर्जी हस्तांतरण का आरोप है। एसीबी ने तत्कालीन पटवारी अल्ताफ हुसैन, गिर्दावर अमजिद मलिक, नायब तहसीलदार अकील अहमद सहित तीन निजी व्यक्तियों मोहन सिंह, रबीना कौसर और नजीर हुसैन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

दूसरा मामला कुलदीप सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया। इसमें आरोप है कि राजस्व अधिकारियों ने गांव अंब में लगभग 15 कनाल 8 मरला भूमि पर अयोग्य लाभार्थियों को अवैध रूप से मालिकाना हक प्रदान कर दिया। इस एफआईआर में तत्कालीन पटवारी बलदेव राज, नायब तहसीलदार पवन कुमार कोहली तथा लाभार्थी रशपाल सिंह सहित अन्य लोगों को नामजद किया गया है।

एसीबी इससे पहले भी 1,000 से अधिक कनाल कस्टोडियन भूमि के फर्जी आवंटन आदेशों का खुलासा करते हुए 27 एफआईआर दर्ज कर चुकी है। सभी मामलों की जांच जारी है।