शिलान्यास के पांच वर्ष बाद भी अधूरा है मनसुका भगवती पुल, प्रशासन की चेतावनियां बेअसर
- Admin Admin
- Jan 10, 2026
पश्चिम मेदिनीपुर, 10 जनवरी (हि.स.)। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के घाटाल अंतर्गत झूम नदी पर निर्माणाधीन मनसुका भगवती पुल पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी उद्घाटन की बाट जोह रहा है। वर्ष 2021 के जनवरी माह में बड़े तामझाम के साथ जिस परियोजना का शिलान्यास हुआ था, वह 2026 की शुरुआत तक भी पूरी नहीं हो सकी है। वर्तमान में जमीन विवाद के कारण अंडरपास और एप्रोच रोड का निर्माण अधर में लटका हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 22 जनवरी 2021 को तत्कालीन पंचायत मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने इस पुल का शिलान्यास किया था। उसके ठीक 20 दिन बाद 12 फरवरी को तत्कालीन विधायक शंकर दोलुई की उपस्थिति में दोबारा नारियल फोड़कर निर्माण कार्य शुरू करने का दावा किया गया था। उस समय चुनावी माहौल में 'खेला होबे' के नारों के बीच काफी उत्सव मनाया गया, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके विपरीत रही।
परियोजना की शुरुआत में इसकी अनुमानित लागत 18 करोड़ रुपये रखी गई थी और ठेकेदार संस्था को डेढ़ वर्ष के भीतर काम पूरा करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, समय के साथ न केवल परियोजना की डीपीआर बदली गई, बल्कि इसकी लागत में भी वृद्धि हुई। कार्य की अत्यंत धीमी गति को देखते हुए तत्कालीन जिलाधिकारियों ने कई बार कड़े रुख अपनाए। नवंबर 2022 में तत्कालीन जिलाधिकारी आयशा रानी और नवंबर 2023 में जिलाधिकारी खुर्शीद अली कादरी ने ठेकेदार संस्था को 'ब्लैक लिस्ट' करने की चेतावनी भी दी, परंतु प्रशासनिक सख्ती का कोई ठोस परिणाम नहीं निकला।
सूत्रों का कहना है कि पुल निर्माण में हो रही देरी के पीछे स्थानीय समीकरण भी काम कर रहे हैं। पुल न होने के कारण झूम नदी के दोनों किनारों पर फेरी (नौका) सेवाओं का वर्चस्व बना हुआ है, जिससे पंचायत को राजस्व तो मिलता है लेकिन आम जनता को प्रतिदिन आर्थिक बोझ सहना पड़ता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक विशेष वर्ग को लाभ पहुंचाने उद्देश्य से पुल के कार्य में देरी की जा रही है।
वर्तमान स्थिति यह है कि पुल का लगभग एक-तिहाई काम अब भी बाकी है। पांच वर्ष पूर्व किए गए वादे अब जनता के लिए केवल एक प्रश्न बनकर रह गए हैं कि आखिर इस पुल का उद्घाटन कब होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता



