अधिकारियों पर दोष मढ़ना सही नहीं, मंत्रियों को काम लेना भी आना चाहिए: अनिरुद्ध सिंह

शिमला, 14 जनवरी (हि.स.)। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बाहरी राज्यों के अधिकारियों को लेकर दिए गए बयान पर सियासत गरमा गई है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के बाद अब ग्रामीण विकास व पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने भी विक्रमादित्य सिंह के बयान की आलोचना की है।

विक्रमादित्य सिंह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा है कि अपनी कमियों और गलतियों को छुपाने के लिए अधिकारियों पर गाज गिराना उचित नहीं है।

उन्होंने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि किसी भी विभाग को बेहतर ढंग से चलाने के लिए केवल बयानबाजी नहीं बल्कि अधिकारियों से समन्वय बनाकर काम लेना भी आना चाहिए। अनिरुद्ध सिंह ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में संतुलन और जिम्मेदारी दोनों जरूरी हैं।

अनिरुद्ध सिंह ने प्रदेश में बढ़ते चिट्टा नशे के मुद्दे पर भी सरकार की रणनीति को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि चिट्टा नशा हिमाचल के लिए एक गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुका है और सरकार अब इसे जड़ से खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए नशे के खिलाफ मुहिम को पंचायत स्तर तक ले जाया जाएगा, ताकि समाज की सीधी भागीदारी से इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

उन्होंने बताया कि 21 जनवरी को प्रदेश की सभी पंचायतों के जनरल हाउस में चिट्टे की रोकथाम को लेकर विशेष चर्चा की जाएगी। प्रदेश की कुल 3777 ग्राम पंचायतों में से 264 पंचायतों को चिट्टे से अधिक प्रभावित के रूप में चिन्हित किया गया है। इन पंचायतों में विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि युवाओं और आम लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया जा सके।

अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि सरकार नशे के खिलाफ जन-जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ खेल गतिविधियों का भी आयोजन करेगी। इसके लिए 21 लाख रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई है, ताकि युवाओं को नशे से दूर रखकर सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जा सके। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नशा कारोबार में संलिप्त किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई के साथ उनकी संपत्ति जब्त करने तक के कदम उठाए जाएंगे।

मंत्री ने शिमला के संजौली क्षेत्र में फोरलेन निर्माण के कारण लोगों के घरों को हुए नुकसान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने एनएचएआई की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इससे हुए नुकसान की रिपोर्ट केंद्रीय मंत्री को भेजी जा चुकी है। चलोंठी क्षेत्र में प्रभावित भवनों के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

पंचायती राज चुनावों को लेकर पूछे गए सवाल पर अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि सरकार न्यायालय के हालिया फैसले का गहन अध्ययन कर रही है। इस विषय पर आगामी कैबिनेट बैठक में भी चर्चा की जाएगी और उसके बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा