मंत्री जावेद राणा ने पात्र जनजातीय समुदायों को अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर दिया जोर
- Rahul Sharma
- Aug 25, 2026
जम्मू। जल शक्ति, वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण तथा जनजातीय मामलों के मंत्री जावेद अहमद राणा ने वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जागरूकता और सामूहिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। वह जम्मू विश्वविद्यालय में गुज्जर बकरवाल स्टूडेंट्स अलायंस, जम्मू-कश्मीर की ओर से आयोजित ‘वन अधिकार अधिनियम का क्रियान्वयन और आगे की राह’ विषयक एक दिवसीय सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। जीबीएसए के तीसरे स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सेमिनार में विद्यार्थियों, जनजातीय समुदायों के सदस्यों और अन्य हितधारकों ने भाग लिया। मंत्री ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम वन क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय समुदायों और अन्य पारंपरिक वनवासियों के वैध अधिकारों एवं हकदारी को मान्यता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कानून है।
जावेद राणा ने पात्र समुदायों के बीच अधिनियम के प्रावधानों को लेकर व्यापक जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि वे कानूनी प्रावधानों के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर सकें और उपलब्ध लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि जागरूकता, भागीदारी और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही अधिनियम के प्रावधानों को वास्तविक अधिकारों और अवसरों में बदला जा सकता है। मंत्री ने कहा कि जनजातीय समुदायों का सशक्तीकरण विकास प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। इसके लिए शिक्षा, आजीविका के अवसरों और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए संबंधित विभागों, जमीनी संस्थाओं और समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई। उन्होंने जनजातीय समुदायों और युवाओं के साथ रचनात्मक संवाद तथा जागरूक भागीदारी को अधिकार आधारित कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जरूरी बताया।
सेमिनार में वन अधिकारों की पहचान एवं मान्यता, संस्थागत व्यवस्था, सामुदायिक भागीदारी, जागरूकता और अधिनियम के क्रियान्वयन को मजबूत करने की आगे की रणनीति समेत विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में जीबीएसए के प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, जनजातीय समुदायों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अन्य हितधारकों ने भाग लिया। जीबीएसए ने वन एवं जनजातीय मामलों के विभागों के तहत वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र वनवासी समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों को लेकर मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

