मूवी रिव्यू : 'वन टू चा चा चा': आशुतोष राणा की कॉमिक टाइमिंग बनी फिल्म की ताकत

फिल्म : 'वन टू चा चा चा'

कलाकार : आशुतोष राणा, ललित प्रभाकर, अनंत विजय जोशी

नायेरा बनर्जी, हर्ष मायर, मुकेश तिवारी, अशोक पाठक, चितरंजन गिरी

निर्देशक : अभिषेक राज खेमका और रजनीश ठाकुर

निर्माता : साजन गुप्ता, विजय लालवानी, नताशा सेठी

रेटिंग: 3.5 स्टार्स

इस सप्ताह रिलीज़ हो रही फिल्म 'वन टू चा चा चा' एक आउट-एंड-आउट सिचुएशनल कॉमेडी है, जो देसी फ्लेवर, अप्रत्याशित कास्टिंग और लगातार आते ट्विस्ट्स के दम पर दर्शकों को बांधे रखती है। फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी है इसका अनोखा ट्रीटमेंट और आशुतोष राणा का बिल्कुल अलग अवतार। अब तक गंभीर और खतरनाक खलनायकों के रूप में पहचान बना चुके राणा इस बार कॉमिक रोल में नज़र आते हैं और उनकी कॉमिक टाइमिंग व चेहरे के हाव-भाव फिल्म को अतिरिक्त धार देते हैं।

कहानी

फिल्म की कहानी बिहार के मोतिहारी में रहने वाले एक मध्यमवर्गीय परिवार से शुरू होती है, जहां घर में बेटे की सगाई की तैयारियां चल रही हैं। तभी परिवार के चाचा का अचानक शादी करने का फैसला पूरी व्यवस्था को हिलाकर रख देता है। चाचा मानसिक रूप से अस्थिर हैं और यही अस्थिरता फिल्म की कहानी की धुरी बन जाती है। डॉक्टर की सलाह पर उन्हें रांची ले जाने का निर्णय होता है, लेकिन यह साधारण-सी मेडिकल यात्रा जल्द ही एक अजीबो-गरीब रोड ट्रिप में बदल जाती है। रास्ते में कहानी में ऐसे रंगीन और विचित्र किरदार जुड़ते जाते हैं, जो हालात को पूरी तरह अनियंत्रित कर देते हैं, एक निलंबित अफसर, फरार अपराधी, एक डांसर और जरूरत से ज़्यादा जोशीला पुलिसवाला। हास-परिहास के बीच गोलियां चलती हैं, गाड़ियां पलटती हैं और अपराध की दुनिया कहानी में दाखिल हो जाती है। इसके बावजूद फिल्म अपनी मासूमियत और चालाकी से बुनी गई दुनिया में दर्शकों को लगातार हंसाने में कामयाब रहती है।

अभिनय

आशुतोष राणा का अभिनय फिल्म की जान है। वह चाचा के किरदार को महज़ कॉमिक एलिमेंट तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उसमें मानवीय संवेदनाएं भरते हैं। यही वजह है कि कई जगह हास्य के साथ करुणा भी जुड़ती है। सहायक कलाकार भी फिल्म की गति बनाए रखते हैं। लोकल गैंगस्टर के रोल में अभिमन्यु सिंह प्रभाव छोड़ते हैं। अनंत विजय जोशी (सद्दा) की कॉमिक टाइमिंग शानदार है। हर्ष मयार (लप्पू), चितरंजन गिरी (चौबे), अशोक पाठक (स्टालिन) और हेमल इंगले (मिष्टी) अपने-अपने किरदारों में फिट बैठते हैं और कहानी को आगे बढ़ाते हैं।

निर्देशन और टोन

निर्देशक अभिषेक राज खेमका और रजनीश ठाकुर ने एक साफ-सुथरी, परफॉर्मेंस-ड्रिवन कॉमेडी तैयार की है। फिल्म का बड़ा हिस्सा कार जर्नी पर आधारित है और इसके संवाद लगातार हंसाते हैं। प्यार, हंसी, गोलियां, ड्रग्स, गुंडे, बैंक डकैती और पागलपन, सब कुछ मिलकर इसे एक ट्विस्टेड रोड-ट्रिप एंटरटेनर बना देता है।

फाइनल टेक

'वन टू चा चा चा' उन दर्शकों के लिए है जो बिना ज्यादा दिमाग लगाए, हल्की-फुल्की लेकिन स्मार्ट कॉमेडी देखना चाहते हैं। यह फिल्म अपने देसीपन, सरप्राइजिंग परफॉर्मेंस और सिचुएशनल ह्यूमर के दम पर थिएटर में अच्छी एंटरटेनमेंट देती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / लोकेश चंद्र दुबे