झांसी : हाउस टैक्स जमा न होने पर जामा मस्जिद की 12 दुकानें सील
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- Jan 17, 2026

कई दुकानदारों ने मौके पर टैक्स जमाकर खुलवाई दुकानें
झांसी, 17 जनवरी (हि.स.)। झांसी में नगर निगम द्वारा हाउस टैक्स के बकायेदारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शनिवार को प्रेमनगर स्थित जामा मस्जिद की 40 दुकानों में से 12 दुकानें सील कर दी गईं। कार्रवाई उस वक्त की गई, जब मस्जिद कमेटी द्वारा दुकानों से नियमित किराया वसूलने के बावजूद भी वर्ष 2018 से अब तक नगर निगम को हाउस टैक्स का भुगतान नहीं किया गया।
नगर आयुक्त आकांक्षा राणा के निर्देश पर नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार अपनी टीम के साथ प्रेमनगर थाना क्षेत्र स्थित जामा मस्जिद पहुंचे। यहां मौजूद 40 दुकानों का किराया मस्जिद कमेटी द्वारा व्यापारियों से हर महीने नियमित रूप से वसूला जाता रहा, लेकिन कमेटी ने कई वर्षों से टैक्स जमा नहीं किया। नगर निगम की ओर से कई बार नोटिस जारी किए गए, बावजूद इसके टैक्स भुगतान नहीं किया गया। शनिवार को जब निगम की टीम टैक्स वसूली और सीलिंग की कार्रवाई के लिए पहुंची तो दुकानदारों ने विरोध जताया। दुकानदारों का कहना था कि वे समय पर मस्जिद कमेटी को किराया देते आ रहे हैं, फिर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों की जा रही है।
दुकानदारों ने मस्जिद कमेटी के जिम्मेदारों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कार्रवाई के दौरान कमेटी का कोई भी सदस्य मौके पर मौजूद नहीं मिला। इसके बाद नगर निगम ने नियमों के तहत सभी 12 दुकानों को सील कर दिया।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2018 से जामा मस्जिद की दुकानों का 4,05000 रुपए हाउस टैक्स बकाया है। कई बार नोटिस देने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया, इसलिए नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई है। टैक्स जमा होते ही दुकानों को खोल दिया जाएगा।
जामा मस्जिद की चालीस दुकानों में व्यापार कर रहे दुकानदारों ने मस्जिद कमेटी की मंशा और कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें अंधेरे में रखकर हर महीने नियमित रूप से किराया वसूला जाता रहा, लेकिन हाउस टैक्स का भुगतान नहीं किया गया।
इसके बाद दुकानदारों ने मजबूरी में अपनी जेब से टैक्स का भुगतान कर दुकानों की सील खुलवाई। वहीं अपनी जेब से हाउस टैक्स का भुगतान करने वाले पीड़ित दुकानदारों का कहना है कि मस्जिद कमेटी ने दुकानों से मिले किराए का पैसा आखिर कहां खर्च किया, इसका हिसाब मांगा जाएगा। साथ ही अब इस मामले को लेकर वक्फ बोर्ड तक जाएंगे और कमेटी की कार्यप्रणाली की शिकायत करेंगे। साथ ही कमेटी को भंग करने की मांग भी उठाई जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया



