सीबीएन ने पकड़ी ड्रग फैक्ट्री, लाखों का मादक पदार्थ बरामद, एक गिरफ्तार

चित्तौड़गढ़, 14 जनवरी (हि.स.)। चित्तौड़गढ़ जिले में नारकोटिक्स विभाग को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो राजस्थान ईकाई ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए एक विशाल गुप्त ड्रग निर्माण प्रयोगशाला का भंडाफोड़ किया है, जिसमें लाखों के मादक पदार्थ बरामद कर एक आराेपी को गिरफ्तार भी किया है। नारकोटिक्स ने व्यवस्थाओं में बदलाव करते हुए काफी समय बाद गिरफ्तार आरोपी का फोटो और नाम भी जारी किया है। हालांकि दो दिन पहले हुई कार्यवाही के बावजूद आज दोपहर नारकोटिक्स विभाग ने नाम और फोटो जारी किए है।

उप नारकोटिक्स आयुक्त कोटा नरेश बुंदेल से प्राप्त जानकारी के अनुसार सीबीएन चित्तौड़गढ़ की तृतीय खंड की टीम को एक गुप्त सूचना मिल रही थी। इस पर चित्तौड़गढ़ के तीनों खंडों और निवारक व आसूचना प्रकोष्ठ की संयुक्त टीम का गठन किया गया। खुफिया आधार पर चित्तौड़गढ़ तहसील के सुरजना गांव से दूर जंगल में एकांत बाड़े में रणनीतिक तरीके से छापा मारा। मौके पर एक आदमी को गिरफ्तार किया है। इस दौरान अधिकारियों ने 5 किलो 894 ग्राम मनोदेहित नशे की वस्तुएं बरामद की है। इस दौरान भारी मात्रा में मेफेड्रोन और उसके निर्माण में प्रयुक्त केमिकल व तस्करी में प्रयोग ली जाने वाली बाइक भी बरामद की है।

यह पकड़ा माल

नारकोटिक्स द्वारा की गई कार्यवाही में मेफेड्रोन (एमडी पाउडर) 107 ग्राम, मेफेड्रोन क्रुड 3.961 किलो, एल्ट्राजोलाम पाउडर 1.826 किलो और मैफेड्रोन के सिंथेसिस में प्रयुक्त रसायन 200 किलो बरामद किया गया। जिसका लाखों रुपए का मूल्य बताया जाता है। मौके पर मादक पदार्थ निर्माण की प्रयोगशाला बरामद हुई है। वहीं कुल 5.894 किलोग्राम कुल मादक पदार्थ मिला है।

तह तक पहुंचेगी सीबीएन या ढाक के तीन पात

नारकोटिक्स विभाग ने जहां मादक पदार्थ की फैक्ट्री का भंडाफोड किया है वहीं पूछताछ में सामने आया है कि मेफेड्रोन का निर्माण उक्त परिसर में अवैध रूप से किया जा रहा है। आरोपी अपने सहयोगी के साथ मिलकर इस प्रयोगशाला का संचालन कर रहा है। सीबीएन ने बरामद सभी रसायनों को जब्त कर लिया है, वहीं सोनू सिंह उर्फ अकबर निवासी मध्यप्रदेश को एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है। प्रकरण की जांच की जा रही है। इस मामले में सीबीएन कच्चे माल के स्त्राेत, सहयोगियों, वित्तीय कड़ियों और तस्करी के नेटवर्क के तह तक जाने में लगी है। प्रारंभिक जांच में एक और सहयोगी के होने की बात बताई जा रही है। वहीं यह भी जानकारी है कि मादक पदार्थ की सप्लाई और बिक्री के लिए कई लोगों तक नारकोटिक्स के हाथ पहुंच सकते है। लोगों को उम्मीद है कि नारकोटिक्स विभाग इस पूरे मामले का पूरा खुलासा करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल