तिनसुकिया-डांगरी और माकुम-लिडो सेक्शन पर बिजलीकरण का कार्य पूरा

गुवाहाटी, 01 जनवरी (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) के प्रधान मुख्य बिजली इंजीनियर योगेश परतेती ने तिनसुकिया मंडल के तिनसुकिया-डांगरी और माकुम-लिडो सेक्शन पर सफलतापूर्वक पूर्ण हुए बिजलीकरण कार्यों का निरीक्षण किया है। पूसीरे ने कुल 4324.15 रूट किलोमीटर (आरकेएम) में से 4170.19 आरकेएम का बिजलीकरण पूरा कर लिया है, जिससे 31 दिसंबर 2025 तक पूरा ज़ोन 96.43% विद्युकृत हो गया है।

पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने गुरुवार बताया कि कुल 90.314 रूट किलोमीटर (आरकेएम) और 106.10 ट्रैक किलोमीटर (टीकेएम) का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान, डिब्रूगढ़ ट्रैक्शन सब-स्टेशन से ट्रैक्शन पावर सप्लाई बढ़ाकर ओवर हेड इक्विपमेंट (ओएचई) को सफलतापूर्वक सक्रिय किया गया। इसके बाद, संपूर्ण सेक्शनल स्पीड पर इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव करंट कलेक्शन परीक्षण सफलतापूर्वक किया गया, जिससे नव विद्युतीकृत सेक्शन के व्यावसायिक परिचालन के लिए सज्ज होने की पुष्टि हुई। इन सेक्शनों के सफल ऊर्जाकरण और परीक्षण के साथ, तिनसुकिया मंडल ने अब अपने रेल पटरियों के बिजलीकरण में एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन हासिल किया है। पूरे मंडल में यह उपलब्धि परिचालन दक्षता बढ़ाने, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने, कार्बन उत्सर्जन घटाने और निर्बाध इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन को संभव बनाने की दिशा में एक बड़ा कदमहै।

भारत में संपूर्ण विद्युतीकृत रेल नेटवर्क के विजन के प्रति पूसीरे प्रतिबद्ध है, जो देश के लिए अधिक तेज, हरित और कुशल ऊर्जा रेल परिवहन प्रणाली सुनिश्चित करेगा। तिनसुकिया मंडल के संपूर्ण बिजलीकरण के पूर्ण होने से इस क्षेत्र में ट्रेन परिचालन में काफी सुधार होने, परिचालन लागत कम होने और सतत विकास में योगदान मिलने की उम्मीद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय