पूसीरे ने न्यू बंगाईगांव कारखाना के आधुनिकीकरण में नए बेंचमार्क स्थापित किए
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- Jan 04, 2026
गुवाहाटी, 04 जनवरी (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) ने दिसंबर 2025 के दौरान न्यू बंगाईगांव कैरेज एंड वैगन कारखाना में उल्लेखनीय बुनियादी ढांचा और परिचालनिक माइलस्टोन हासिल किए, जो भारतीय रेलवे की व्यापक सुधार और अपग्रेडेशन पहलों के अनुरूप रेलगाड़ियों के रखरखाव में आधुनिकीकरण, परिचालन दक्षता और उत्कृष्टता पर इसके निरंतर फोकस को पुनः दोहराते हैं। न्यू बंगाईगांव कारखाना को 2024 के दौरान राजभाषा के उत्कृष्ट कार्यान्वयन के लिए रेलवे बोर्ड द्वारा रेल मंत्रालय का राजभाषा शील्ड तथा 14 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। इन उपलब्धियों से पूसीरे का गौरव बढ़ा है।
पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने आज बताया है कि उक्त महीने के दौरान, न्यू बंगाईगांव कारखाना ने असेंबल्ड डेमू डीपीसी बोगियों के लिए एक स्वदेशी परीक्षण बेंच भी विकसित किया, जो ट्रैक्शन मोटर्स की स्थापना पूर्व परीक्षण और त्रुटियों का प्रारंभिक पता लगाना संभव बनाता है। इस प्रणाली में अनिवार्य एक घंटे का रनिंग परीक्षण, कंपन और बेयरिंग तापमान के सटीक समय पर निगरानी तथा हाई-एक्यूरेसी डायल गेज का उपयोग कर सटीक बैकलैश मापन शामिल है, जिससे समय और जनशक्ति में उल्लेखनीय बचत होती है।
न्यू बंगाईगांव कारखाना में 25 कोचों के लिए रोलिंग स्टॉक कार्यक्रम के आवंटन के बाद एलएचबी कोचों की मिड-लाइफ रिहैबिलिटेशन (एमएलआर) को सफलतापूर्वक शुरू किया गया है। प्रभावी योजना और उपलब्ध संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग के माध्यम से, आईसीएफ पीरियोडिक ओवरहॉलिंग (पीओएच) कार्यों को नई लाइट कोच रिपेयर शॉप (एलसीआरएस) में स्थानांतरित करने के बाद पुराने कोच लिफ्टिंग शॉप (सीएलएस) का उपयोग कर अंतरिम व्यवस्थाएं की गईं। इन सक्रिय उपायों से एमएलआर गतिविधियों की सुचारू शुरुआत संभव हुई है, जबकि दीर्घकालिक रखरखाव बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक डेडिकेटेड एमएलआर शेड का प्रस्ताव प्रगति पर है।
पूसीरे ने न्यू बंगाईगांव कारखाना में पुराने वैगन पेंट शॉप से डेमू रेकों की सभी पीओएच गतिविधियों को सफलतापूर्वक नवनिर्मित डेमू शेड में शिफ्ट कर दिया गया। वर्ष 2021-22 के अवसंरचना विकास पहलों के तहत योजना बनाई गई। इस आधुनिक कवर्ड सुविधा ने परिचालन दक्षता को बढ़ाया है, कार्यप्रवाह को सुव्यवस्थित किया है संरक्षा और उत्पादकता में सुधार लाया है, जिससे रोलिंग स्टॉक रखरखाव क्षमताओं को मजबूत किया गया है।
ये उपलब्धियां पूसीरे के बुनियादी ढांचे, नवाचार और परिचालन दक्षता पर निरंतर जोर देती हैं, जिससे सुरक्षित और विश्वसनीय रेलवे संचालन मजबूत हो।------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय



