हिंदी जनता की भाषा है इसे अपने जीवन शैली का हिस्सा बनाएं : पूसीरे महाप्रबंधक

गुवाहाटी, 08 जनवरी (हि.स.)। राजभाषा हिंदी, जनता की भाषा है इसलिए इसे सिर्फ आंकड़ों तक सीमित न करते हुए अपने जीवन शैली का हिस्सा बनाएं। जनता की सेवा हम जनता की भाषा में ही अच्छी तरह से कर सकते हैं। महाप्रबंधक ने कहा कि सभी विभाग, मंडल एवं कारखाने भारत सरकार की राजभाषा नीति का कड़ाई से पालन करें। यह बातें पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने गुरुवार देते हुए बताया कि बैठक बीते बुधवार को हुई थी।

महाप्रबंधक ने आवश्यकता के अनुसार प्रांतीय भाषाओं के उपयोग एवं प्रशिक्षण पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि पूसीरे का कार्यक्षेत्र कई भाषा क्षेत्र में फैला हुआ है, जो हमारी भाषाई विविधता का प्रमाण है। अधिकारी जिस क्षेत्र में जाएं, वहां की भाषा में संपर्क एवं संवाद करने का प्रयास करें। इससे हम भारत सरकार की नीति को जन-जन तक पहुंचा सकते हैं एवं जनता को बेहतर रेल सेवा प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने पूसीरे को रेल मंत्री राजभाषा शील्ड मिलने पर बधाई दी।

बैठक में सभी विभागों के प्रधान विभागाध्यक्ष, मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक एवं कारखानों के मुख्य कारखाना प्रबंधक शामिल हुए। स्वागत संबोधन पूसीरे के मुख्य राजभाषा अधिकारी उदय पवार ने किया। बैठक का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन उप महाप्रबंधक (राजभाषा) डॉ. संजय कुमार सिंह ने किया।---------------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय