बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा को लेकर NH 144 बना हाई-सिक्योरिटी जोन चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात

राजौरी/पुंछ, 20 अगस्त। श्री बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु ढंग से संपन्न कराने के लिए जम्मू-राजौरी-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-144A) पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यात्रा मार्ग के महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ निगरानी बढ़ाई गई है। पुंछ जिले में स्थित श्री बाबा बूढ़ा अमरनाथ मंदिर के दर्शन के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। जम्मू से राजौरी और पुंछ की ओर जाने वाले यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है।

सेना, पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात

सुरक्षा व्यवस्था में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, CRPF, CISF तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवानों को विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ यात्रा मार्ग पर निगरानी रख रही हैं। राजौरी और पुंछ जैसे सीमावर्ती जिलों से होकर गुजरने वाले यात्रा मार्ग को देखते हुए पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया था। यात्रा शुरू होने से पहले क्षेत्र में एरिया डोमिनेशन, निगरानी और अतिरिक्त सुरक्षा तैनाती बढ़ाने की कार्रवाई भी की गई थी।

यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही पर विशेष फोकस

सुरक्षा एजेंसियों का मुख्य उद्देश्य जम्मू से रवाना होने वाले श्रद्धालुओं के काफिलों को राजौरी और पुंछ होते हुए सुरक्षित तरीके से गंतव्य तक पहुंचाना है। NH-144A पर सुरक्षा बलों को महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात कर यात्रियों और वाहनों की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जा रही है। यात्रा शुरू होने से पहले प्रशासन की बैठकों में सुरक्षा के साथ-साथ ट्रैफिक मैनेजमेंट, स्वास्थ्य सुविधाओं, पेयजल, बिजली, सफाई, आवास और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई थी। राजौरी प्रशासन को यात्रा मार्ग और ठहराव स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।

जम्मू के भगवती नगर से रवाना हो रहे जत्थे

श्री बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं के जत्थे जम्मू के भगवती नगर स्थित यात्री निवास से रवाना हो रहे हैं। 17 अगस्त को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। पहले जत्थे में 2,041 श्रद्धालु शामिल थे, जो 50 वाहनों में राजौरी पहुंचे। इनमें 42 बसें, एक मध्यम वाहन और सात हल्के वाहन शामिल थे। राजौरी में जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया और उनके लिए पेयजल, चिकित्सा, लंगर, स्वच्छता तथा सुरक्षा सहित विभिन्न व्यवस्थाएं की गईं। यात्रा के दौरान सुरक्षा एजेंसियां जम्मू से राजौरी-पुंछ तक पूरे मार्ग पर सतर्कता बनाए हुए हैं, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित और निर्बाध बनी रहे।