नारनौलः बापडोली में खुला सामुदायिक मध्यस्थता केन्द्र

नारनाैल, 02 जनवरी (हि.स.)। जिले के गांव बापडोली में शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष नरेंद्र सूरा ने सामुदायिक मध्यस्थता केन्द्र का उद्घाटन किया। इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीलम कुमारी भी मौजूद रहीं।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सूरा ने कहा कि सामुदायिक मध्यस्थता केन्द्र का मुख्य उद्देश्य समाज में उत्पन्न होने वाले छोटे एवं मध्यम स्तर के विवादों का न्यायालय के बाहर, आपसी संवाद, समझौते और सहमति के माध्यम से शीघ्र, सरल एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है। सामुदायिक मध्यस्थता न केवल वैकल्पिक विवाद समाधान की एक प्रभावी प्रक्रिया है, बल्कि यह सामाजिक संबंधों को बचाए रखते हुए न्याय प्रदान करने का मानवीय माध्यम भी है। इससे समय, धन और ऊर्जा की बचत होती है तथा समाज में आपसी विश्वास को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यदि नागरिक प्रारंभिक स्तर पर ही पारिवारिक विवाद, पति-पत्नी के मतभेद, पड़ोस से संबंधित विवाद, भूमि-सीमा विवाद, किराया, लेन-देन एवं अन्य सामाजिक विवादों को सामुदायिक मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने की पहल करें, तो न्यायालयों पर पड़ने वाला अनावश्यक भार काफी हद तक कम किया जा सकता है।

सीजेएम नीलम कुमारी ने बताया कि सामुदायिक मध्यस्थता एक स्वैच्छिक, गोपनीय एवं सहमति-आधारित प्रक्रिया है, जिसमें दोनों पक्षों की इच्छा से प्रशिक्षित मध्यस्थों की सहायता ली जाती है। यह प्रक्रिया सरल होने के साथ-साथ विवाद के स्थायी समाधान पर केंद्रित होती है, जिससे भविष्य में पुनः विवाद की संभावना कम हो जाती है। उन्होंने बताया कि जिला महेन्द्रगढ़ के गांव बापडोली में सामुदायिक मध्यस्थता केन्द्र की शुरुआत की गई है जिसमें पूर्व सरपंच राजबीर व धन्नाराम एवं बिल्लू, समाज सेवी बतौर मध्यस्थ कार्य करेंगे । इस मौके पर न्यायिक अधिकारी, पंचायत अधिकारी, सरपंच राकेश सहित अन्य अधिकारीगण व ग्रामीण मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला