नारनौल: भ्रूण लिंग जांच गिरोह के छह आरोपी रंगे हाथों गिरफ्तार

नारनाैल, 19 जनवरी (हि.स.)। नारनौल में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भ्रूण जांच गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जिसमें तीन महेंद्रगढ़ जिले के, दो कोटपुतली और एक चरखी दादरी का आरोपी शामिल है। पुलिस ने विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सोमवार को मिली जानकारी के अनुसार जिला समुचित प्राधिकरण पीएनडीटी नारनौल को सूचना मिली थी कि हरियाणा की गर्भवती महिलाओं को योजनाबद्ध तरीके से राजस्थान के टपूकडा क्षेत्र में ले जाकर भ्रूण लिंग जांच कराई जा रही है। इसके बाद 16 जनवरी 2026 को जिला नोडल अधिकारी पीएनडीटी डा विजय कुमार यादव के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।

सूचना की पुष्टि के लिए सरकारी योजना बेटी बचाओ के तहत महिला डिकोय तैयार की गई। गिरोह के संपर्ककर्ता से व्हाट्सएप काल व चैट के जरिये बात की गई, जिसमें 80 हजार रुपये में भ्रूण लिंग जांच का सौदा तय हुआ। इसके बाद 18 जनवरी को आरोपियों ने गर्भवती महिला को नारनौल के रघुनाथपुरा स्थित हनुमान मंदिर के पास बुलाया। वहां से महिला को अलग-अलग वाहनों में बैठाकर टपूकडा ले जाया गया। पीएनडीटी टीम पूरे रास्ते आरोपियों का पीछा करती रही। टपूकडा स्थित एक मकान में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से भ्रूण लिंग जांच की जा रही थी।

महिला डिकोय के इशारे पर टीम ने मौके पर दबिश देकर तीन आरोपितों को पकड़ा। रेड के दौरान एक अन्य गर्भवती महिला भी मौके पर मौजूद मिली, जिसकी पहले जांच की जा चुकी थी।

बाद में मुख्य सौदागर को चरखी दादरी और एक अन्य आरोपी को सतनाली क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। मुख्य सौदागर को चरखी दादरी के कादमा गांव निवासी बिरेंद्र को दादरी से तथा एक अन्य आरोपित सुनील को सुरेहती पलालनिया सतनाली से दबोचा गया। वहीं इनके अलावा जिले के हमिंदपुर निवासी जितेंद्र, राजस्थान के कोटपुतली के गांव कंवरपुरा निवासी धर्मवीर, कोटपुतली के निवासी आनंद जांगिड़ और महेंद्रगढ़ जिले के मुंडियाखेड़ा निवासी पवन कुमार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला