भारत–नेपाल सीमा के रास्ते हो रही चरस तस्करी का पर्दाफाश

चंपावत, 05 जनवरी (हि.स.)। भारत-नेपाल सीमा से सटे बनबसा क्षेत्र में चरस तस्करी के एक सक्रिय नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। विशेष अभियान समूह (एसओजी) और बनबसा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 2.046 किलोग्राम अवैध चरस के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी धनुष पुल से चांदनी दोधारा (नेपाल) की ओर जाने वाले जंगल मार्ग पर हुई।

गिरफ्तार आरोपित की पहचान ऊधमसिंहनगर जिले के खटीमा स्थित इस्लामनगर वार्ड संख्या 03 निवासी हसमत अली उर्फ मझले (47) के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके पास से चरस के अतिरिक्त 300 रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और एक ड्राइविंग लाइसेंस भी बरामद किया गया।

पुलिस पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह यह चरस नेपाल के महेंद्रनगर क्षेत्र से लाकर खटीमा में अपने एक साथी को सप्लाई करने जा रहा था। उसने यह भी स्वीकार किया कि वह अपने सहयोगी के साथ मिलकर लंबे समय से छोटी-छोटी खेप में चरस की तस्करी और बिक्री में संलिप्त था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े लिंक की गहन जांच की जा रही है। तस्करी में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान के लिए फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक पर भी काम जारी है। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है, जिसमें ऊधमसिंहनगर जिले में उसके खिलाफ पूर्व में दर्ज मामलों की पुष्टि हुई है।

थाना बनबसा में आरोपित के विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजीव मुरारी