शेल कंपनियों के जरिये चल रहा था साइबर फ्रॉड नेटवर्क, दाे गिरफ्तार
- Admin Admin
- Jan 02, 2026
नई दिल्ली, 02 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन साइ-हॉक के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। नई दिल्ली जिले की साइबर पुलिस थाने की टीम ने शेल कंपनियों के जरिए संचालित एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपिताें को गिरफ्तार किया है। इस नेटवर्क के जरिए देशभर में साइबर ठगी की रकम को फर्जी कंपनियों और म्यूल अकाउंट्स के माध्यम से इधर-उधर किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने 20 से अधिक शेल कंपनियां खोलकर साइबर ठगी से प्राप्त रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया। इन खातों से जुड़ी 176 साइबर ठगी की शिकायतें सामने आई हैं, जिनकी कुल राशि करीब 180 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
नई दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त देवेश कुमार महला ने शुक्रवार काे बताया कि साइबर पुलिस को एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की जांच के दौरान नई दिल्ली जिले में स्थित एक बैंक खाते में लगातार संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली। जांच में यह खाता एम/एस कुद्रेमुख ट्रेडिंग (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर पाया गया। जिसे ठगी की रकम लेने और आगे भेजने के लिए म्यूल अकाउंट की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था। इस आधार पर साइबर थाना नई दिल्ली जिले में 19 नवंबर 2025 काे मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पता चला कि इस नेटवर्क में शामिल आरोपिताें ने एक नहीं बल्कि 20 अलग-अलग शेल कंपनियां खोल रखी थीं। इन कंपनियों के खातों का इस्तेमाल देश के विभिन्न हिस्सों में हुई साइबर ठगी की रकम को लेयरिंग के जरिए छिपाने और निकालने के लिए किया जा रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया कि प्रारंभिक रूप से कंपनी निदेशक बने राजेश खन्ना के नाम पर खाते खोले गए थे, लेकिन असल नियंत्रण सुशील चावला और राजेश कुमार शर्मा के हाथों में था। बाद में यह भी सामने आया कि राजेश खन्ना की मौत हो चुकी है और उसे महज मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपित शुरुआत में जांच में शामिल हुए, लेकिन बाद में सहयोग से बचने लगे और नोटिस के बावजूद पूछताछ में शामिल नहीं हुए। मोबाइल फोन से मिले संदिग्ध चैट्स और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। प्राथमिक जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपित पश्चिम बंगाल में सक्रिय एक अन्य साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े व्यक्ति के संपर्क में थे, जो इसी तरह के मामलों में शामिल बताया जा रहा है। पकड़े गए आराेपिताें की पहचान ग्रेटर नोएडा निवासी सुशील चावला (58) और गुरुग्राम निवासी राजेश कुमार (39) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 2 मोबाइल फोन और 1 लैपटॉप बरामद किया है।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार पुलिस ने दोनों आरोपितों को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जब्त मोबाइल फोन, लैपटॉप और बैंक खातों की जानकारी भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4सी) को भेजी जा रही है, ताकि देशभर में दर्ज अन्य मामलों से इनकी कड़ी जोड़ी जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी



